रायपुर

नाबालिग से दुष्कर्म, पिता को आजीवन कारावास
21-Nov-2025 9:29 PM
नाबालिग से दुष्कर्म, पिता को आजीवन कारावास

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 नवंबर। फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी अपनी पत्नी की मौत के बाद शराब के नशे में 14 वर्ष से कम उम्र की बेटी को एक साल तक हवस का शिकार बनाता रहा।  यह घटना लगभग पाँच वर्ष पूर्व सरस्वती नगर थाना क्षेत्र की है। पीडि़ता की उम्र उस समय मात्र 12 वर्ष थी और वह अपने पिता, चार बहनों और एक भाई के साथ रहती थी। तीन-चार माह पूर्व उसकी मां की मृत्यु हुई थी, जिसके बाद आरोपी पिता ने बेटी के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करता था। उसके मना करने पर पीडिता के साथ मारपीट करता था और अन्य बच्चों के साथ भी मारपीट करता था । पीडिता का पिता नशे की अवस्था में उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करता था। परेशान होकर पीडि़ता घर से निकल जाया करती थी और आसपास के लोगों को भी घटना के बारे में जानकारी दी । पीडिता को बालिकागृह रायपुर में रखा गया, जहां उसका काउंसलिंग किया गया। काउंसलिंग रिपोर्ट प्रदर्श पी-8 सी, 9 सी एवं 10 सी में उसने बताया कि उसका पिता उसके साथ दुष्कर्म करता था बालिकागृह रायपुर की अधीक्षिका रत्ना दुबे ने थाना प्रभारी गुढियारी को प्रदर्श पी-6 की सूचना दी, जिसके आधार पर थाना गुढियारी द्वारा शून्य में अपराध पंजीबद्ध किया गया । महिला उपनिरीक्षक बेबी नंदा द्वारा पीडिता का कथन लेखबद्ध किया गया ।  सरस्वती नगर को अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया । जहां थाना सरस्वती नगर ने अपराध क्रमांक 284/2022 धारा 376 (एबी) भा.दं.सं का अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समकक्ष पेश किया गया।

विशेष लोक अभियोजक विमला तांडी ने बताया कि  गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को आजीवन करवा की सजा सुनाई है। साथ ही पीडि़ता को प्रतिकार राशि 7 लाख रूपये देने पर अनुशंसा की है। आजीवन कारावास, जिसका अभिप्राय शेष प्राकृत जीवन के लिए कारावास अभिप्रेत होगा।


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