रायगढ़
गांव-गांव पहुंचकर सघन निरीक्षण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 22 मार्च। रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग शुरू कर दिया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा दुर्गा प्रसाद अधिकारी एवं सीएसपी मयंक मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र में वृहद ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और कृषि विभाग की टीमों ने समन्वित रूप से काम करते हुए संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान की और ड्रोन के माध्यम से खेतों की बारीकी से निगरानी की। इस आधुनिक तकनीक के जरिए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित हुई, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
ड्रोन सर्वे के साथ-साथ राजस्व विभाग के पटवारियों और कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने संबंधित गांवों में मौके पर पहुंचकर खेतों में उतरकर सघन निरीक्षण किया। इस दौरान घरघोड़ा तहसील के बैहामुडा, भेंगारी, पाकादरहा, पानीखेत तथा तमनार तहसील के आमापाली, राबो, गढग़ांव एवं हराडीह में व्यापक स्तर पर जांच-पड़ताल की गई।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने किसानों को जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती कानूनन अपराध है और इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वैकल्पिक वैध फसलों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले समय में भी ड्रोन सर्वे के साथ सघन जांच और निगरानी की कार्रवाई तेज की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में इस तरह की अवैध गतिविधियों को पनपने का अवसर न मिले। प्रशासन की इस पहल को क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


