रायगढ़
रायगढ़, 21 मार्च। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने हत्या के आरोपी खेमराज यादव को उसके भाई पीतांबर यादव की हत्या कर दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं अर्थ दंड से दंडित किया।
मामले का संक्षिप्त विवरण बताते हुए अपर लोक अभियोजक राजेशसिंह ठाकुर ने बताया कि मामला थाना धरमजयगढ़ के ग्राम रामपुर की है, मृतक पीतांबर एवं आरोपी खेमराज यादव सगे भाई हैं जिनके मध्य जमीन बंटवारा हो गया था, किन्तु आरोपी खेमराज अपने छोटे भाई पीतांबर यादव को महुआ पेड़ के बटवारे पर झगड़ा झंझट करता था।
थाना धर्मजयगढ़ के अपराध के अनुसार मृतक पीतांबर के पुत्र मनोज यादव ने थाना धर्म जयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई की गांव के कुधरी डॉड़ में महुआ का झाड़ है घटना दिनांक को वह अपने माता-पिता के साथ महुआ बीनने के लिए गया था उसकी छोटी बहन और छोटा भाई भी महुआ बीनने गए थे। जब ये लोग महुआ बीन रहे थे तभी आरोपी खेमराज यादव आया और महुआ को नहीं बीनने दूंगा कहकर उसके पिता को महुआ को मत उठाओ नहीं तो पुराना बदला लूंगा, सबको जान से मार दूंगा कहकर अपने छोटे भाई पितांबर यादव के पेट में चाकू से मारा जिससे पीतांबर यादव के पेट में गंभीर चोट आई और वहीं पर गिर गया और घटनास्थल पर ही उसकी मृत्यु हो गई।
अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए मामले के सभी गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उभय पक्ष के बहस श्रवण करने के पश्चात विद्वान न्यायालय ने अभियुक्त खेमराज यादव को अपने छोटे भाई पीतांबर यादव की हत्या करने का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने मृतक पीतांबर यादव की पत्नी को 1 लाख क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशसा की है तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को निर्देशित किया है, मामले में राज्य की ओर से अपर लोकअभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।


