रायगढ़
पीडि़त की शिकायत के बाद एफआईआर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 8 जनवरी। रायगढ़ जिले में एक सरकारी शिक्षक के नाम पर लाखों रुपए लोन निकाल कर किस्त की राशि नहीं पटाते हुए धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीडि़त शिक्षक की रिपोर्ट पर पुलिस आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है। उक्त पूरा मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार लोकनाथ रात्रे ने खरसिया थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि वह घरघोड़ा क्षेत्र के ग्राम पानीखेत में प्राथमिक शाला कन्या आश्रम में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ है। लोकनाथ रात्रे ने बताया कि उसका परिचय ग्राम सपिया निवासी विद्याचरण गोरे से परिचय हुआ था और वर्तमान में उसका निधन हो चुका है। जान पहचान के दौरान विद्याचरण गोरे अपने मामा गिरीश कुमार जोल्हे के साथ मई 2024 में उसके निवास बाम्हनपाली आए। इस दौरान गिरीश कुमार जोल्हे ने लोन संबंधी कार्य के बारे ने बताया और कहा कि मैं आपके नाम से लोन निकालूंगा और सारी किस्त स्वयं अदा करूंगा। इसके बदले आपको 35 प्रतिशत राशि दूंगा।
लोकनाथ रात्रे ने बताया कि इस बीच वह उसकी बात पर भरोसा करते हुए उसके बताए अनुसार माह मई 2024 को अपना मोबाइल नंबर....आधार कार्ड और पैन कार्ड के अलावा 6 महीने का ऑनलाईन पे-स्लिप उसके धोखाधड़ी करते हुए अपने पास रख लिया।
अलग अलग बैंक से निकाले लोन
लोकनाथ रात्रे ने बताया कि उसके दस्तावेजों का उपयोग करते हुए चोला मण्डलम शाखा रायगढ़ लोन पेपर लाकर जहां-जहां हस्ताक्षर कराते हुए 6 लाख 40 हजार, आईसीआईसीआई बैंक से 4 लाख , एक्सिस बैंक से 6 लाख, 65 हजार, भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोडातराई से 10 लाख 20 हजार इस प्रकार गिरीश कुमार जोल्हे ने उसके नाम से 27 लाख 25 हजार निकलवा लिया।
किस्त पटाना कर दिया बंद
लोकनाथ रात्रे ने बताया कि प्रोसेसिंग चार्ज, इंश्योरेंस एवं अन्य चार्ज मिलाकर उसके खाते में 20 लाख 76 हजार आए थे, जिसे अलग अलग किस्तों में गिरीश कुमार जोल्हे ने अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर लिया। उक्त रकम लेने के बाद गिरीश कुमार जोल्हे दो से तीन माह तक किस्तों का भुगतान किया उसके बाद लोन की किस्त अदा करना बंद कर दिया। जिसके बाद से बैंक से उसके पास फोन आना शुरू हो गया।
लोन खत्म करके का दिया आश्वासन
लोकनाथ रात्रे ने बताया कि गिरीश कुमार जोल्हे के मोबाइल नंबर में उससे संपर्क करके पर उसने पैसा जमा कर देने की बात कही लेकिन इसके बावजूद फिर से अगले महीने किस्त जमा नहीं किया। जिसके बाद पुन: बैंक वाले उससे किस्त की राशि जमा करने उससे संपर्क कर रहे हैं। इस बीच गिरीश कुमार जोल्हे ने किश्त की राशि देने एवं लोन का पूरा पैसा पटाकर लोन खत्म करने का आश्वासन देता रहा।
आरोपी के खिलाफ हुआ एफआईआर
लोकनाथ रात्रे ने थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया है कि गिरीश कुमार जोल्हे ने उसे धोखा देकर लोन लेवाया गया है और उक्त रकम को वे स्वयं अपने खाते में तथा नगदी प्राप्त कर लिया है। और रकम वापस न कर उसके साथ धोखाधड़ी किया है। जिसके बाद पुलिस ने गिरीश कुमार जोल्हे के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज करते हुए मामले को जांच में लिया है।


