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शादी का वादा कर सेक्स हमेशा रेप नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट
17-Dec-2020 8:58 AM
शादी का वादा कर सेक्स हमेशा रेप नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट

 दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि शादी का वादा कर सेक्स करना रेप नहीं है अगर महिला लंबे समय तक अपनी मर्ज़ी से शारीरिक संबंध के लिए सहमत है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार महीनों तक एक व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद महिला ने व्यक्ति पर बलात्कार का केस किया था.

दिल्ली हाई कोर्ट ने बलात्कार के केस को ख़ारिज करते हुए कहा, "शादी के वादे को सेक्स के लिए लालच नहीं क़रार दिया जा सकता है अगर यह लंबे और अनिश्चितकालीन समय तक चलता रहे."

जस्टिस विभु बाखरू ने कहा कि शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने को लालच कहा जा सकता है अगर पीड़िता किसी एक क्षण के लिए इसका शिकार होती है.

अदालत ने कहा कि महिला को सेक्स के लिए तैयार करने की नीयत से शादी का झूठा वादा करना महिला की सहमति का दुरुपयोग है और सिर्फ़ वो मामले भारतीय पीनल कोड के सेक्शन 375 के तहत रेप के अंतर्गत आते हैं.

अदालत ने आगे कहा कि अगर इस तरह के क़रीबी संबंध लंबे समय तक रहे हैं जिनमें शारीरिक संबंध भी शामिल हैं तो यह नहीं माना जा सकता है कि इसमें महिला की मर्ज़ी और प्यार शामिल नहीं था और केवल शादी का झूठा वादा कर महिला को सेक्स के लिए तैयार किया गया था.

जस्टिस बाखरू ने ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को सही ठहराया जिसने व्यक्ति को रेप के चार्ज से बरी कर दिया था.

महिला का आरोप था कि व्यक्ति ने उसे शादी का झूठा वादा कर लंबे समय तक उससे शारीरिक संबंध बनाया और फिर एक दूसरी महिला के लिए उसे छोड़ दिया.

हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बिल्कुल साफ़ है कि महिला ने अपनी मर्ज़ी से उस व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाया क्योंकि महिला को उस व्यक्ति से सचमुच प्यार था.

निचली अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा था कि महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए शादी का वादा कर उसकी रज़ामंदी नहीं ली गई थी, शादी के बारे में बातचीत भी बहुत बाद में हुई थी.

हाई कोर्ट ने कहा कि महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि अभियुक्त के साथ उसके शारीरिक संबंध थे और तीन-चार महीनों के बाद उस व्यक्ति ने शादी का वादा किया था और महिला उसके साथ भाग गई थी.

अदालत के अनुसार महिला का यह बयान कि शादी का वादा कर सेक्स के लिए उसकी रज़ामंदी हासिल की गई थी, उसे सही नहीं माना जा सकता है. (बीबीसी) 


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