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नई दिल्ली, 27 जनवरी । भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने लक्षद्वीप के अगाती द्वीप से एक मरीज को रात में सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। यह मिशन इस महीने भारतीय तटरक्षक बल की ओर से किया गया दूसरा आपातकालीन मेडिकल इवैक्यूएशन (मेडेवैक) ऑपरेशन था, जो मानवीय सहायता के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सोमवार को 55 वर्षीय व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा था। केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासन की ओर से तटरक्षक बल से मदद मांगी गई। इस अनुरोध पर तटरक्षक बल ने तुरंत रात के 'मेडेवैक' ऑपरेशन के लिए डॉर्नियर विमान रवाना किया।
मेडिकल इमरजेंसी और समुद्र के ऊपर रात के ऑपरेशन की चुनौतियों को देखते हुए कोच्चि में स्थित एक आईसीजी डॉर्नियर विमान को तेजी से एक मोबाइल इंटेंसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) में तब्दील किया गया, ताकि ऑपरेशन के दौरान मरीज को लगातार जीवन-रक्षक सहायता मिल सके। यह ऑपरेशन बहुत कम समय में प्लान और एग्जीक्यूट किया गया, जिसमें मेडिकल इमरजेंसी, मौसम की स्थिति और रात के ऑपरेशन की मुश्किलों का तेजी से आकलन किया गया। तटरक्षक बल ने बहुत कम समय में एमआईसीयू की विशेष फिटिंग पूरी की और शाम के समय विमान रवाना करते हुए जबरदस्त क्षमता का प्रदर्शन किया। रात के समय ऑपरेशन करते हुए विमान सुरक्षित रूप से अगाती द्वीप पर उतरा और मरीज को तेजी से उस पर चढ़ाया गया।
इसके बाद विमान वापस कोच्चि के लिए रवाना हुआ। बाद में मरीज को बेहतर मेडिकल देखभाल के लिए एस्टर मेडसिटी हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया। रात के ऑपरेशन की श्रृंखला के हिस्से के रूप में इस मिशन की सफलता ने चुनौतीपूर्ण माहौल में समय-महत्वपूर्ण मानवीय ऑपरेशन करने की भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता को दिखाया। इस ऑपरेशन ने भारतीय तटरक्षक बल और लक्षद्वीप प्रशासन के बीच बेहतरीन तालमेल भी दिखाया। इसके साथ ही, भारतीय तटरक्षक बल ने खासकर दूरदराज के द्वीपीय क्षेत्रों में जीवन की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्धता और अपने आदर्श वाक्य "वयं रक्षामः" (हम रक्षा करते हैं) को कायम रखा। - (आईएएनएस)


