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तिरुपरंकुंद्रम दीपथून विवाद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई से मांगा जवाब
23-Jan-2026 12:33 PM
तिरुपरंकुंद्रम दीपथून विवाद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई से मांगा जवाब

नई दिल्ली, 23 जनवरी । तमिलनाडु के मदुरै जिले में तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित दरगाह के पास 'दीपथून' (दीप स्तंभ) पर कार्तिकई दीपम जलाने को लेकर चल रहे विवाद में शुक्रवार को सुप्रीम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से जवाब तलब किया है। यह मामला हिंदू धर्म परिषद द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें संस्था ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में तिरुपरंकुंद्रम मंदिर और उससे जुड़े धार्मिक अधिकारों को लेकर कई अहम मांगें की गई हैं। इससे पहले, जनवरी में ही मद्रास हाई कोर्ट ने भक्तों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कार्तिकई दीपम के अवसर पर दीप जलाने की अनुमति दी थी। इस फैसले को लेकर क्षेत्र में धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़े लोगों ने संतोष जताया था। बाद में मद्रास हाई कोर्ट की दो जजों की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने भी सिंगल जज के आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें दीप जलाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इन सब के बीच, सुप्रीम कोर्ट में हिंदू धर्म परिषद की ओर से दायर याचिका में मांग की गई है कि एएसआई को तिरुपरंकुंद्रम मंदिर का अधिग्रहण करने का निर्देश दिया जाए। इसके अलावा, मंदिर परिसर में रोज़ाना 24 घंटे दीपक जलाए रखने का आदेश पारित किया जाए।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी और दीपथून से जुड़ी परंपराएं प्राचीन धार्मिक आस्था का हिस्सा हैं और इन्हें संरक्षित किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और एएसआई से जवाब मांगा है। बता दें कि इस मामले में 6 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने एक पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए निर्देश दिया था कि तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर पारंपरिक कार्तिगई दीपम जलाया जाए। बेंच ने तमिलनाडु सरकार और मंदिर प्रशासन द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया था। यह फैसला जस्टिस जी जयचंद्रन और केके रामकृष्णन की डिवीजन बेंच ने सुनाया था, जिसने सिंगल जज जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन द्वारा पारित आदेश की पुष्टि की। यह विवाद मदुरै के पास एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल तिरुपरनकुंद्रम में पहाड़ी की चोटी पर कार्तिगई दीपक जलाने की अनुमति मांगने वाली एक याचिका से शुरू हुआ था। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि दीपक जलाना मंदिर और कार्तिगई दीपम समारोहों से जुड़ी एक पुरानी धार्मिक प्रथा है, और इस प्रथा का ऐतिहासिक समर्थन है। - (आईएएनएस)


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