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नयी दिल्ली, 4 फरवरी अमेरिका के एक सैन्य विमान द्वारा कुछ अवैध प्रवासियों को भारत लाने की खबरों के बीच यहां अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका आव्रजन कानूनों को सख्त कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के करीब दो सप्ताह बाद अवैध भारतीय नागरिकों को निर्वासित करने का पहला दौर शुरू हुआ है।
ट्रंप ने अमेरिका में रहने वाले अवैध प्रवासियों से निपटने के लिए सख्त नीतिगत दृष्टिकोण अपनाने का वादा किया है और वह पहले ही आव्रजन से संबंधित कई शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
अवैध प्रवासियों के एक समूह को भारत लाने वाली उड़ान के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन जोर देकर कहा कि अमेरिका अवैध प्रवासियों को निकाल रहा है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं उन जांच के बारे में कोई विवरण साझा नहीं कर सकता, लेकिन मैं रिकॉर्ड पर साझा कर सकता हूं कि अमेरिका अपनी सीमा की सुरक्षा को लेकर सख्त है, आव्रजन कानूनों को सख्त कर रहा है और अवैध प्रवासियों को हटा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये कार्रवाइयां एक स्पष्ट संदेश हैं कि अवैध प्रवास जोखिम से भरा है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ 27 जनवरी को फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका से अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के मामले में ‘‘वही करेगा जो सही होगा’’।
पिछले महीने विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा था कि वह अवैध आव्रजन का विरोध करता है और अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस लेने के लिए तैयार है, बशर्ते उनकी राष्ट्रीयता सत्यापित हो।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 24 जनवरी को कहा कि भारत अवैध आव्रजन का विरोध करता है, क्योंकि इसका संबंध संगठित अपराध के कई रूपों से है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें वापस ले लेंगे, बशर्ते हमारे साथ दस्तावेज साझा किए जाएं ताकि हम उनकी राष्ट्रीयता सत्यापित कर सकें और यह पता लगा सकें कि वे वास्तव में भारतीय हैं।’’
जायसवाल ने कहा कि अमेरिका में रह रहे अवैध भारतीय प्रवासियों की संख्या के बारे में अभी बात करना ‘‘जल्दबाजी’’ होगी। (भाषा)


