राष्ट्रीय
जम्मू, 2 जनवरी । जम्मू-कश्मीर से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष जीएम शाहीन ने कहा कि नीतीश कुमार एनडीए में थे और आगे भी रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उस 'खुले ऑफर' को खारिज कर दिया है, जिसमें आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार के लिए आरजेडी के साथ आने का खुला ऑफर है। हालांकि, इस बारे में जब बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मीडिया वाले लालू यादव से लगातार एक ही सवाल पूछते रहते हैं इसलिए उन्होंने पत्रकारों को शांत करने के लिए ऐसा बोल दिया होगा।
हाल ही में तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद हैं। अब लालू के इस बयान पर एनडीए में शामिल अन्य दलों के नेता के भी बयान आने लगे हैं। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला की प्रेस वार्ता पर जम्मू-कश्मीर से जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष जीएम शाहीन ने कहा कि हमें इस बात की अंदाजा था कि आने वाले दिनों में ऐसा ही होगा। सोचने वाली बात यह है कि केंद्र शासित प्रदेश में जब आप कुछ नहीं कर सकते तो आपने मेनिफेस्टो क्यों बनाया। लोगों को धोखा देना ठीक नहीं है। दरअसल, सीएम उमर अब्दुल्ला ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "हम दो महीने से ज्यादा समय से सत्ता में हैं। केंद्र शासित प्रदेश में सरकार के कामकाज को समझने में हमें कुछ समय लगा। यह सिलसिला नया है कि एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनी हुई सरकार कैसे चलती है। पहले वाली हुकुमत और आज की हुकुमत में जमीन आसमान का अंतर है।
आमतौर पर हम देखे तो मुझे लगता है कि हमें सरकार चलाने में ज्यादा तकलीफ हुई। मुझे लग रहा था कि जो यहां पर हालात हैं तो दिक्कत होगी। लेकिन, शुरुआत ठीक रही है। "हम चुनाव से पहले किए गए वादों पर कायम हैं। इसकी वजह से लोगों ने हमें सरकार बनाने का जनादेश दिया। उनसे हम नहीं मुकरेंगे। जम्मू-कश्मीर को रियासत का दर्जा दिलवाना हमारे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा जम्मू-कश्मीर के लिए एक अस्थायी चरण है। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने विधानसभा चुनावों में अच्छी संख्या में भाग लिया। केंद्र सरकार ने जल्द से जल्द राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, और हमें उम्मीद है कि इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।" -(आईएएनएस)


