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नयी दिल्ली, 5 दिसंबर दिल्ली की एक अदालत ने संगठित अपराध के एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) विधायक नरेश बाल्यान से पूछताछ के लिए उन्हें 10 दिन की हिरासत में भेजे जाने का अनुरोध करने वाली पुलिस की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना जैन ने हालांकि जांच अधिकारी को ‘‘उचित अदालत के समक्ष उचित आवेदन प्रस्तुत करने’’ की आजादी दी।
बाल्यान को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अभियोजन पक्ष ने उनकी हिरासत और मामले को सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए निर्दिष्ट अदालत में स्थानांतरित करने की अपील करते हुए एक याचिका दायर की।
न्यायाधीश ने सरकारी वकील से कहा, ‘‘ अदालत के समक्ष मुद्दा यह है कि आरोपी व्यक्ति विधायक हैं और उसे विशेष सांसद एवं विधायक अदालत में पेश किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे पास मामले को स्थानांतरित करने का अधिकार नहीं है। मुझे इसका उदाहरण दिखाइए।’’
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ यहां आने की क्या जरूरत थी। यह समय की बर्बादी है। आप फैसला दिखाएं जिसके अनुसार अदालत इस (मुद्दे) पर विचार करने के लिए बाध्य हो... मैं अभी कोई आदेश पारित नहीं कर सकती।’’
दोपहर करीब 1.10 बजे सुनवाई दोबारा शुरू होने पर न्यायाधीश ने दिल्ली के पूर्व विधायक रामबीर शौकीन के संबंध में फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ अभियोजक के रूप में आपको गहनता से जांच करनी चाहिए। क्या आप अपना वही रुख अपना रहे हैं या उसे बदल रहे हैं।’’
बाल्यान को कथित संगठित अपराध से जुड़े मामले में चार दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक अदालत ने उन्हें पहले कथित जबरन वसूली के एक मामले में जमानत दे दी थी। (भाषा)


