महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,12 फरवरी। जिले के ग्राम पंचायत बढ़ईपाली के आश्रित ग्राम बांसकांटा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उचित मूल्य दुकान का सेल्समैन पिछले चार महीनों से उन्हें राशन के लिए चक्कर लगवा रहा है। कल बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील दफ्तर पहुंचकर खाद्य निरीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पिछले वर्ष के अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर और इस वर्ष के जनवरी महीने का चावल नहीं दिया गया है। कुल 102 क्विंटल चावल अब तक हितग्राहियों को अप्राप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन तक नहीं पहुंच रहा है। जिससे गरीब परिवारों के सामने राशन का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने सेल्समैन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि वह राशन कार्ड धारकों को बुलाकर ई.पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट अंगूठा तो लगवा लेता है। लेकिन जब चावल देने की बारी आती है, तो स्टॉक खत्म होने या अगले महीने आने की बात कहकर खाली हाथ वापसे भेज देता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सेल्समैन की भूमिका संदिग्ध है और वह जानबूझकर गरीबों के हक का चावल दबाए बैठा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि 102 क्विंटल चावल का वितरण नहीं हुआ है, तो वह चावल कहां गया?
हितग्राहियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द हो उन्हें बकाया राशन नहीं मिला और लापरवाह सेल्समैन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में व्यवस्थापक उमेंद्र यादव से उनका पक्ष जानने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
महासमुंद के जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। जांच कराई जाएगी। यदि अनियमितता मिली तो कार्रवाई की जाएगी।


