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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 1 अप्रैल। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत खुड़ूभाठा में जिला पंचायत सीईओ ने बड़ी गड़बड़ी पकड़ी है। यहां 14वें वित्त आयोग और रुर्बन मिशन के तहत मिले 1 करोड़ 46 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। अकेले पंचायत सचिव पर 73 लाख के घपले की आशंका है, जिसे सस्पेंड किया गया है।
जिला पंचायत के सीईओ हरीश एस. बीते दिनों मस्तूरी ब्लॉक के दौरे पर थे। वे यह देखकर हैरान रह गये कि विभिन्न केन्द्रीय व राज्य के मदों से मिली राशि का आहरण तो पूरा कर लिया गया है पर जमीन पर निर्माण कार्य नहीं हुए हैं। विधायक निधि, गौण खनिज से प्राप्त राशि का भी गबन किया गया है। मौके पर बांध, सीसी रोड, सड़क मरम्मत के काम नहीं पाये गये। 73 लाख रुपये खर्च कागजों में ही कर लिया गया। इसे देखते हुए पंचायत सचिव राम कुमार सोनी को निलम्बित करते हुए एक जांच टीम गठित की गई है। इसके अलावा वर्तमान सरपंच के साथ ही एक पूर्व सरपंच अश्वनी टोंडे के कार्यकाल में 60 लाख से अधिक की गड़बड़ी की जानकारी प्रारंभिक जांच में सूचना मिली है। इनके खिलाफ भी जांच की जा रही है। कुल घपला 1.46 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है।
अब जिला पंचायत सीईओ ने बीते पांच सालों में किये गये विभिन्न पंचायतों के निर्माण कार्यों की जांच की शुरूआत की है।


