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महाराष्ट्र सीमा में मारे गए पवन की तलाश में थी तीन राज्य की फोर्स
31-Mar-2021 1:00 PM
महाराष्ट्र सीमा में मारे गए पवन की तलाश में थी तीन राज्य की फोर्स

151 गुनाहों में शामिल 25 लाख के ईनामी सहित 4 साथियों की मुठभेड़ में मौत

प्रदीप मेश्राम
राजनांदगांव, 31 मार्च (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)
गढ़चिरौली में पुलिस के हाथों मारे गए नक्सलियों के शीर्ष एसजेडसी मेम्बर पवन उर्फ भास्कर की तलाश में लंबे समय से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की पुलिस जंगलों में खाक छान रही थी। 151 गुनाहों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल रहे पवन ने बतौर नक्सली तीनों राज्यों की पुलिस को काफी दिनों तक छकाया। आखिरकार सोमवार को राजनांदगांव जिले की सरहद से सटे कुरखेड़ा पुलिस डिवीजन के खोब्रामेढ़ा के जंगल में जवानों ने पवन समेत 5 नक्सलियों को अपने बंदूक का निशाना बनाया। पुलिस के लिए यह सफलता काफी मायने रखती है। पवन उर्फ भास्कर के साथ राजू उर्फ सुखदेव, अमर मुया कुंजाम, सुजाता उर्फ कमला तथा अस्मिता उर्फ सुखलू पदा भी फोर्स के हाथों मारी गई।
  
इस संबंध में गढ़चिरौली डीआईजी संदीप पाटिल ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि मारे गए नक्सलियों के शव जब्त किए गए हैं। पुलिस के लिए पवन का मारा जाना एक बड़ी कामयाबी है। 

बताया जाता है कि पवन को कुछ साल पहले नक्सल संगठन में एसजेडसी मेम्बर बनाया गया था। साथ ही वह उत्तर गढ़चिरौली डिवीजन के प्रभारी के तौर पर भी काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि पवन पर करीब 25 लाख रुपए का ईनाम घोषित था। उसने करीब 41 हत्याओं को अंजाम दिया है। साथ ही  ढेरों मुठभेड़ में भी वह शामिल रहा है। पवन लगातार नक्सली गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देता रहा है। करीब दो साल पहले महाराष्ट्र राज्य के निर्माण दिवस एक मई 2019 को इसी इलाके के जाम्बुलखेड़ा क्षेत्र में पुलिस पार्टी पर हुए हमले में 15 जवान शहीद हो गए थे। पुलिस ने जांच में पूरे मामले का मास्टर माईंड पवन उर्फ भास्कर को ही माना था, तब से इंटेलिजेंस के साथ मिलकर गढ़चिरौली पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 

बताया जा रहा है कि पवन ने काफी समय तक राजनांदगांव-बालाघाट और गोंदिया क्षेत्र के एमएमसी जोन में भी काम किया था। उस दौरान वह डीवीसी मेम्बर के तौर पर सक्रिय रहा। गोपनीय रूप से पवन ने आला नक्सल नेताओं को एमएमसी जोन की हालत को लेकर एक चिट्ठी भी लिखी थी। जिसमें विस्तार दलम में नए सदस्यों के नहीं जुडऩे पर चिंता जताई थी। 

बताया जा रहा है कि एमएमसी जोन में पवन ने कुछ साल तक काम किया। बाद में उसे पदोन्नति देकर उत्तर गढ़चिरौली का प्रभारी बनाया गया। बताया जा रहा है कि खोब्रामेढ़ा के जंगल में मारे गए सभी नक्सली बेहद ही ताकतवर माने जाते रहे हैं। इसमें सबसे वांछित पवन का नाम शामिल था।
 
इसी तरह राजू उर्फ सुखदेव पर भी 10 लाख रुपए का ईनाम था। मुठभेड़ में ढ़ेर हुई दो महिला नक्सली सुजाता पर जहां 4 लाख और अस्मिता पर 2 लाख रुपए का ईनाम था। साथ ही अमर मुया कुंजाम पर दो लाख रुपए का भी पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने मुठभेड़ में एक एके-47 समेत 5 हथियार बरामद किए हैं। साथ ही नक्सल साहित्य के अलावा अन्य प्रतिबंधित सामान की खेप भी जब्त की है।  


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