ताजा खबर
'छत्तीसगढ़ संवाददाता'
बिलासपुर, 5 जनवरी। विधायक शैलेष पांडेय और कांग्रेस संगठन के नेताओं की दूरी इस हद तक बढ़ चुकी है कि बार-बार अप्रिय स्थिति पैदा हो रही है। कल नव नियुक्त ब्लॉक कांग्रेस 1 के अध्यक्ष ने विधायक की कॉलर ही पकड़ ली। लोगों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत किया।
घटना न्यू सर्किट हाउस में हुई तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भीतर मौजूद थे और बैठक ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विधायक पांडेय ने बाहर खड़े तैयब हुसैन को ब्लॉक एक का अध्यक्ष बनने की बधाई दी। हुसैन ने कहा कि आप क्यों बधाई दे रहे हैं, आप तो चाहते ही नहीं थे कि मैं दुबारा अध्यक्ष बनूं। विधायक ने कहा कि सही बात है। तुम लगातार अध्यक्ष रहे इसलिये मैं किसी और बड़े पद पर तुम्हें देखना चाहता था। बताया गया है कि इससे तैयब हुसैन नाराज हो गये और उसने विधायक की कॉलर पकड़ते हुए कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में हम आपको निपटा देंगे। वहां मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसी विजय पांडे व अन्य ने स्थिति बिगड़ते देख दोनों को अलग किया और बहस खत्म हो पाई।
विधायक शैलेष पांडेय ने कहा कि वे पार्टी फोरम में अपनी बात रखेंगे। उन्होंने तैयब हुसैन की इस बात को गलत बताया है जिसमें उन्होंने कहा कि विधायक ने मुझे कहा कि तुम्हें दुबारा अध्यक्ष बनते नहीं देखना चाहता था।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर विधायक को स्थानीय संगठन की ओर से लगातार कार्यक्रमों से दूर रखने की कोशिश हुई है। इसके चलते वे मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रमों में भी नहीं जा सके। संगठन के नियमित कार्यक्रमों व बैठकों में भी उन्हें बुलाने से परहेज किया जाता है। यह स्थिति तब से चली आ रही है जब उन्हें बिलासपुर विधानसभा की टिकट मिल गई। चुनाव जीतने के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं आया। यहां तक कि जिला प्रशासन व पुलिस के सामने भी पांडेय को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा है। प्रदेश इकाई की ओर से इस विवाद को ठंडा करने की कोई कोशिश अब तक नहीं हुई है।


