ताजा खबर
पीएम से सीएम की बात, 24 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने पर सहमति जताई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर 4 जनवरी। बिल्हा विकासखंड के ग्राम सेलर में आदर्श गोठान का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि धान उठाव की समस्या पर उन्होंने न केवल खाद्य मंत्री और गृह मंत्री से बल्कि प्रधानमंत्री से भी बात की है। प्रधानमंत्री से बातचीत में यह सहमति बनी है कि 24 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव फ़ूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा किया जाएगा। हालांकि हमने यह कहा है कि पूर्व में जैसा तय किया गया था, उसी के मुताबिक 60 लाख मीट्रिक टन धान को उठाया जाए इस पर भी आगे बात होगी।
गोठान योजना को महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह गांव की विशेषकर महिलाओं की, आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक आदर्श योजना है। ग्राम सेलर में जो आदर्श गठान बनाया गया है उसमें ना केवल गोबर से खाद बनाने का काम हो रहा है बल्कि सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है। अधिकारियों को भी इस योजना को समझने में समय लगा अब वह समझ गए हैं और हर कोई मानने लगा है कि यह गोठानी योजना ग्रामीणों की आर्थिक उन्नति का एक बहुत बड़ा माध्यम है। जिस तरह से ग्राम में वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम हो रहा है, बकरी पालन हो रहा है कबूतर का पालन हो रहा है उसके अलावा जानवरों को हरा चारा देने के लिए भी उत्पादन किया जा रहा है यह कुपोषण को दूर करने में मददगार रहेगा इससे तो कहता समूह की महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी ग्राम सेलर के गोठान के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि अंडा और मशरूम खरीदने के लिए हमने कंपनियों के साथ एमओयू कर लिया है क्योंकि अक्सर यह पाया जाता है कि हम उत्पादन तो कर लेते हैं लेकिन बेचने के लिए बाजार नहीं मिलता हमने बाजार की तैयारी पहले से कर ली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की इस बात को लेकर तारीफ की कि उन्होंने मार्केटिंग की व्यवस्था पहले से ही कर रखी है और उसके बाद उत्पादन किया जा रहा है। गांधी जी के आदर्श के अनुरूप हम यहां गांव के लोगों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं सेलर में जिले का पहला आदर्श गठान तय हुआ है धीरे-धीरे हम जनपदों में और पंचायतों में भी इसी तरह के आदर्श गौठान बनाएंगे। हम धीरे-धीरे जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं और यह छत्तीसगढ़ के एक पंचायत और गांव में आने वाले दिनों में दिखाई देगा।
पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से नक्सल समस्या पर भी सवाल किए। डॉ रमन सिंह द्वारा यह कहा जाना कि सरकार नक्सलियों से बातचीत नहीं कर रही है मुख्यमंत्री बघेल ने पलटवार किया कि उन्होंने 15 साल तक बातचीत का प्लेटफार्म क्यों तैयार नहीं किया और क्यों बात नहीं की। बघेल ने कहा की नक्सली आज हथियार छोड़े और संविधान पर आस्था व्यक्त करें हम उनसे किसी भी मंच पर बात करने के लिए तैयार हैं।
नक्सलियों द्वारा कृषि कानून का विरोध किए जाने की बात पर बघेल ने कहा कि वे इस मामले में क्या राय रखते हैं इससे हमें मतलब नहीं है। हमारे नेता राहुल गांधी कह चुके हैं कि हमें यह बिल मंजूर नहीं है। छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पंजाब और राजस्थान सरकार ने इस बिल के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर रखा है।


