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धान खरीद के लिए केन्द्र से न अनुदान, न मदद-मरकाम
04-Jan-2021 4:40 PM
धान खरीद के लिए केन्द्र से न अनुदान, न मदद-मरकाम

   पुरंदेश्वरी पर गलत बयानी का आरोप   
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 जनवरी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने धान खरीदी पर  प्रदेश भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी पर भाजपा झूठे आरोप लगाते हुए लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रही है। इतना ही नहीं, किसानों के बीच भ्रम फैलाकर उन्हें गुमराह कर रही है और धान खरीदी को बाधित करने के प्रयास में जुटी है। जबकि भूपेश सरकार अपना वादा पूरा करते हुए किसानों के साथ खड़ी है। 

श्री मरकाम ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में एक लाख 30 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन होता है। इसमें से करीब 90 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी राज्य सरकार करती है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिन से जो घटनाक्रम, बयानबाजी, विशेषकर भाजपा नेताओं की चल रही है, उससे एक बात स्पष्ट हो गई है कि भाजपा के छत्तीसगढ़ के नेता राज्य की धान खरीदी को बाधित करने का षड्यंत्र रच रहे हैं और भाजपा की केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं की मंशा के अनुरूप धान खरीदी पर तमाम तरीके की अड़ंगेबाजी लगा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एफसीआई से चावल जमा करने के अनुरोध पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को बोनस तो नहीं दे रहे? यह सवाल केंद्रीय खाद्य मंत्री क्यों पूछ रहे? जबकि राज्य सरकार ने साफ कर दिया था कि यह किसानों की सहायता राशि है, न कि धान का बोनस। धान खरीदी प्रति क्विंटल में होती है। जबकि यहां न्याय योजना की सहायता प्रति एकड़ में दी जा रही है। 

श्री मरकाम ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी गलत बयान दे रही कि केंद्र ने धान खरीदी के लिए 9 हजार करोड़ का अग्रिम भुगतान किया है। जबकि केंद्र ने यहां कोई अग्रिम भुगतान नहीं किया है। राज्य सरकार धान खरीदी मार्कफेड के माध्यम से करती है। मार्कफेड विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेती है, जिसका ब्याज सहित वापसी मार्कफेड करता है। इस वर्ष भी 16 हजार करोड़ ऋण लेने की योजना है। 9 हजार 5 सौ करोड़ का लोन मार्कफेड ने एनसीडीबी (नेशनल कोऑपरेटिव डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन) से लिया, जिसका ब्याज राज्य सरकार, मार्कफेड को करेगा। इसमें केंद्र का एक रूपए का न अनुदान है, और न सहायता।

केन्द्र पर भी हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री मरकाम ने केन्द्र पर हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का कमिटमेंट कर 24 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की अनुमति प्रदान करना किसान विरोधी काम है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, मक्का, गन्ना उत्पादक किसानों को 10 हजार प्रति एकड़ सहायता राशि दी जा रही है, तो भाजपा को तकलीफ क्यों हो रही है।

भाजपा पर गलत बयानबाजी का आरोप
उन्होंने भाजपा के सह प्रभारी नितिन पर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीते वर्ष 28 लाख मीट्रिक टन उसना चावल एफसीआई में जमा करानी थी, जिसमें से 26 लाख मीट्रिक टन उसना चावल जमा हो चुका है। 2 लाख मीट्रिक टन चावल जमा कराना बाकी है। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से चावल जमा कराने की तारीख बढ़ाने की मांग की है। 

रमन-भाजपा सांसद पर केन्द्र को गुमराह कर रहे
श्री मरकाम ने राज्य सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों की सहायता के लिए शुरू की गई है, इसमें धान का बोनस नहीं मिलता। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, भाजपा के 9 सांसदों ने केंद्र सरकार को गुमराह कर छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहे प्रति एकड़ 10 हजार की सहायता राशि को बोनस बताकर सेंट्रल पूल में लेने वाले पूर्व में दी गई 60 लाख मीट्रिक टन चावल कोटा को कम करा कर 24 लाख मीट्रिक टन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का यह काम छत्तीसगढ़ के लिए किसान विरोधी रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में लगातार बाधा उत्पन्न कर रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम होते देख भाजपा नेताओं को पीड़ा हो रही है। श्री मरकाम ने कहा कि भाजपा नेताओं ने सांसदों को केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़ में किसानों को धान की बोनस देने की झूठी शिकायत की और किसानों की धान खरीदी में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा, छत्तीसगढ़ के धान, मक्का, गन्ना उत्पादक किसानों की आर्थिक संपन्नता में बाधक है।

कृषि को लाभ का क्षेत्र बनाया, तो धान पैदा करने वाले किसान बढ़ गए
कांग्रेस अध्यक्ष श्री मरकाम ने कहा कि राज्य सरकार ने यहां कृषि को लाभ का क्षेत्र बनाया, तो बीते 2 साल में छत्तीसगढ़ में धान पैदा करने वाले किसानों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है और धान पैदावार का रकबा बढ़ा है। छत्तीसगढ़ में चालू खरीफ वर्ष में 21 लाख 50 हजार किसान धान बेचने पंजीकृत हुए हैं और 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जाएगी। पूर्व की रमन सरकार ने 15 साल में 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी नहीं की। किसानों से किए वादे को पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पूरा नहीं किया।

केन्द्र का किसानों से आय दोगुनी वादा पूरा नहीं, आरोप
उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा प्रभारी पुरंदेश्वरी को छत्तीसगढ़ के किसानों की भला चाहती हैं। उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की विचार रखती हैं, तो भाजपा के 9 सांसदों, दो राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के 14 विधायकों को लेकर दिल्ली जाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छत्तीसगढ़ के किसानों से प्रति एकड़ 25 क्विंटल धान खरीदी के अनुपात में चावल लेने की अनुमति लेकर आएं। श्री मरकाम ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने भी किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का वादा किया था। सस्ते दरों पर डीजल एवं रासायनिक खादों की उपलब्धता का वचन दिया था। किसानों की आय दोगुनी का सपना दिखाया है, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है।


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