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टीके के साथ बेहोशी-एंबुलेंस से बड़े अस्पताल भेजने का मॉकड्रिल भी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 2 जनवरी। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती सरस्वती स्कूल में कोरोना वैक्सीन के लिए ड्राई रन आज सुबह 10 बजे शुरू किया गया, जो करीब दोपहर 2 बजे तक चला। एसएमएस कर बुलाए गए 7-8 हेल्थ वर्करों को यहां टीके लगाए गए। मॉकड्रिल में एक महिला को बेहोश बताकर तुरंत एंबुलेंस से अंबेडकर अस्पताल भी रवाना किया गया। इस तरह ड्राई रन में टीकाकरण में आने वाली हर दिक्कतों को परखा गया। इस दौरान कलेक्टर एस.भारतीदासन भी व्यवस्था देखने पहुंचे।
राजधानी रायपुर के जिला अस्पताल में जगह ना होने पर पुरानी बस्ती सरस्वती स्कूल को ड्राई रन के लिए चुना गया। यहां के तीन कमरों में वैक्सीनेशन के लिए इंतजाम करते हुए ड्राई रन किया गया। सीएमओ डॉ. मीरा बघेल के साथ डॉक्टर, नर्स समेत करीब दर्जनभर मेडिकल स्टाफ की एक टीम मॉकड्रिल में लगी रही। एसएमएस कर बुलाए गए हितग्राहियों को यहां टीके लगाए जाते रहे। इस दौरान एंबुलेंस, सुरक्षा की चुस्त व्यवस्था रखते हुए यह देखा गया कि हितग्राहियों के आने से लेकर टीकाकरण तक कहां-कहां और किस तरह की दिक्कत आ सकती है और इन दिक्कतों को तुरंत कैसे दूर किया जा सकता है।
पहले पेन-आधार कार्ड से की
गई हितग्राहियों की पहचान
स्कूल में ड्राई रन के दौरान डॉक्टरों के पास 30 हेल्थ वर्करों की एक सूची रही। इसी सूची के आधार पर एसएमएस कर हेल्थ वर्कर बुलाए जाते रहे। इसमें से कई हेल्थ वर्कर ड्राई रन में वैक्सीनेशन के लिए नहीं पहुंच पाए। जो वर्कर वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे, उन्हें सबसे पहले हाथ सैनिटाइज करा पंडाल के नीचे बैठाया गया। इसमें हेल्थ वर्करों के अलावा कुछ मितानिन भी रहीं। पेनकार्ड-आधार कार्ड के हिसाब से उनकी पहचान की गई। मेडिकल स्टाफ ने फिर उनसे स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए चक्कर आने, सर्दी-खांसी, बुखार या अन्य किसी भी तरह की दिक्कत के बारे में पूछा।
वैक्सीनेशन के बाद बेहोश-एंबुलेंस से
बड़े अस्पताल भेजने का मॉकड्रिल भी
जांच में सही हितग्राही पाए जाने पर उसे एक कमरे में भेजा गया, जहां उसके नाम का दिल्ली भेजी गई सूची से कम्प्यूटर पर मिलान किया गया। सब कुछ सही मिलने पर हितग्राही को वैक्सीनेशन रूम में भेजकर वैक्सीन लगाया गया। वैक्सीन लगने के बाद उसे तीसरे कमरे में ले जाया गया, जहां से आधे घंटे बाद उसे बाहर निकाला गया। बताया गया कि टीके लगने के बाद हितग्राहियों को आधे घंटे तक डॉक्टरों की देखरेख में रखा जाएगा। किसी भी तरह की कोई दिक्कत ना होने पर उन्हें वापस घर भेज दिया गया। वहीं कोई दिक्कत आने या बेहोश होने की स्थिति में एंबुलेंस से उन्हें बड़े अस्पतालों के लिए रवाना किया जाएगा, ताकि वहां उनका तुरंत उपचार हो सके।
प्रदेश में मितानिन-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
समेत सवा दो लाख हेल्थ वर्कर
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब सवा दो लाख हेल्थ वर्कर हैं, जिन्हें पहले टीके लगाए जाएंगे। इसमें 75 हजार मितानिन एवं 40 से 50 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि कोरोना टीकाकरण के लिए ट्रायल करते हुए प्रदेश में तैयारियां शुरू कर दी गई है। वैक्सीन यहां 15 जनवरी आसपास आ सकती है, लेकिन यह वैक्सीन कितनी मिलेगी, यह अभी पता नहीं चल पाया है। पहले चरण में हेल्थ वर्करों को टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद फं्रट लाइन वर्करों को ये टीके लगेंगे। फिलहाल वैक्सीन आने का इंतजार किया जा रहा है।




