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कोरोना वैक्सीन के लिए रायपुर समेत 7 जिलों में ड्राई रन कल
01-Jan-2021 2:28 PM
कोरोना वैक्सीन के लिए रायपुर  समेत 7 जिलों में ड्राई रन कल

 तीन-तीन सरकारी अस्पतालों का चयन 
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 1 जनवरी।
प्रदेश में कोरोना वैक्सीन 15 जनवरी के आसपास आने की उम्मीद बताई जा रही है, लेकिन इसके पहले कल रायपुर समेत 7 जिलों में ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) किया जाएगा। ड्राई रन के लिए इन जिलों में एक ग्रामीण और दो शहरी सरकारी अस्पतालों का चयन किया गया है, ताकि टीका वितरण और उसे लगाने में आने वाली दिक्कत समय रहते दूर हो सके। 

राज्य टीकाकरण अफसर डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में बताया कि ड्राई रन प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, नांदगांव, बस्तर, सरगुजा व गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में किया जाएगा। ड्राई रन का समय सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक तय किया गया है। इस दौरान इन जगहों पर 10 से 25 मरीजों में टीके का यह पूर्वाभ्यास किया जाएगा। ड्राई रन की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। 
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एके परसाई का कहना है कि रायपुर जिले में ड्राई रन रायपुर के पुरानी बस्ती निगम अस्पताल और मंदिरहसौद, तिल्दा सरकारी अस्पताल में किया जाएगा। इन तीनों अस्पतालों में ड्राई रन को लेकर तैयारी चल रही है और यह प्रयास किया जा रहा है कि वास्तविक टीकाकरण के समय कहीं कोई गड़बड़ी ना हो। 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक करीब पौने तीन लाख कोरोना मरीज सामने आ चुके हैं। इसमें से करीब 52 हजार रायपुर जिले से हैं।  इन मरीजों में करीब साढ़े 11 हजार एक्टिव हैं और उनका एम्स समेत अलग-अलग जगहों पर इलाज जारी है। 
पहले चरण में हेल्थ वर्करों को टीके 
स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि कोरोना टीकाकरण के लिए वैक्सीन यहां करीब 15 दिन में आ सकती है, लेकिन यह वैक्सीन कितनी मिलेगी, यह अभी पता नहीं चल पाया है। टीकाकरण, केंद्र के दिशा-निर्देश पर किए जाएंगे। पहले चरण में हेल्थ वर्करों को टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद फं्रट लाइन वर्करों को ये टीके लगेंगे। फिलहाल वैक्सीन आने का इंतजार किया जा रहा है। 
क्या है ड्राई रन?
केंद्र सरकार के मुताबिक ड्राई रन एक रिहर्सल की तरह है। इसमें कोरोना वैक्सीन आने के बाद इसे किस तरह से लगाया जाना है? इसकी क्या तैयारियां होनी हैं? इन तमाम चीजों का परीक्षण किया जाना है। इसके जरिए यह भी देखा जाएगा कि वैक्सीनेशन के दौरान क्या-क्या अड़चनें आ रही हैं और उन्हें किस तरह से दूर किया जाना चाहिए। इसे मॉक ड्रिल भी कहा जा रहा है। इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों और उसके बाद पहले से दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को यह वैक्सीन लगाई जानी है।
क्यों होगा ड्राय रन?
केंद्र सरकार द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक ड्राई रन का उद्देश्य नए को-विन मोबाइल एप के इस्तेमाल को जमीन पर देखना है। इसके अलावा प्लानिंग और वैक्सीन देने की प्रक्रिया के बीच सामंजस्य बैठाने की कोशिश की जाएगी। इससे फील्ड पर काम कर रहे लोगों का कॉन्फिड़ेंस भी बढ़ेगा।
सब कुछ 20 दिसंबर को जारी की गई ऑपरेशनल गाइडलाइन के मुताबिक किया जाएगा। ऑफिसर इन चार्ज को 25 लोगों की पहचान करनी होगी, जिन्हें वैक्सीन देने के लिए चुना जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन सभी की जानकारियां को-विन एप पर अपलोड करने के लिए कहा जाएगा। ये सब एक मॉक ड्रिल की तरह होगा, किसी को भी असल वैक्सीन नहीं दी जाएगी।
भारत में अभी तक किसी वैक्सीन को मंज़ूरी नहीं मिली। ड्राई रन का मकसद किसी को वैक्सीन देना नहीं है, जब वैक्सीन आ जाएगी, तो ये प्रक्रिया सही से काम करेगी या नहीं और इसमें क्या सुधार लाने होंगे, ड्राई रन में इसे समझने की कोशिश है।
 

 


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