ताजा खबर

‘अफसर हर काम के लिए कमीशन मांगते हैं...’
28-Dec-2020 1:45 PM
‘अफसर हर काम के लिए कमीशन मांगते हैं...’

   मंत्री ने कहा, विधायक की मौजूदगी में होगी जांच   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 दिसंबर।
जांजगीर-चांपा जिले के सरकारी योजनाओं में कमीशनखोरी का मामला सोमवार को विधानसभा में उठा। बसपा सदस्य ने आरोप लगाया कि जिले के सहायक आयुक्त हर काम के लिए कमीशन मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरजातीय प्रोत्साहन राशि से भी 50 फीसदी तक कमीशन लेते हैं। विपक्षी सदस्यों के जोर देने पर आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने विधायक की उपस्थिति में कमीशनखोरी की शिकायतों की जांच कराने की घोषणा की। 

प्रश्नकाल में बसपा सदस्य श्रीमती इंदू बंजारे ने मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जिले के प्री-मैट्रिक-पोस्ट मैट्रिक बालक और बालिका छात्रावास में कार्यरत रसोईयों को लॉकडाउन की अवधि के वेतन में कटौती की गई है। आदिम जाति विकास मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि में छात्रावास बंद थे। रसोईया संविदा पर नहीं, बल्कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। अब चूंकि छात्रावास बंद है, इसलिए रसाईया के वेतन कटौती का प्रश्न ही नहीं पैदा होता। 

बसपा सदस्य ने आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त लहरे और बाबू पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हर योजनाओं में सहायक आयुक्त द्वारा कमीशन की मांग की जाती है। अंतरजातीय प्रोत्साहन राशि तक में से 50 से 60 फीसदी तक कमीशन लिया जाता है। दोनों को जिले के बाहर तबादला कराने पर जोर दिया। भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने भी सहायक आयुक्त के खिलाफ जांच की मांग की। इस पर आदिम जाति विकास मंत्री ने विधायक की मौजूदगी में कमीशनखोरी की शिकायतों की जांच कराने का आश्वासन दिया। 


अन्य पोस्ट