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नई दिल्ली, 24 अक्टूबर | पिछले छह महीनों के दौरान जिन लोगों ने अपने बैंक लोन की किश्त भरी हो या न भरी हो, भारत सरकार ने ऐसे सभी कर्ज़दारों से ब्याज पर ब्याज नहीं लेने का फ़ैसला किया है. ब्याज पर ये राहत केवल दो करोड़ रुपये तक के कर्ज़ लेने वालों को मिलेगी.
इस स्कीम के तहत 1 मार्च से 31 अगस्त के बीच किसी कर्ज़ पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज़ और साधारण ब्याज़ के अंतर को सरकार अनुदान के रूप में देगी. ये पैसा लोन लेने वालों को मिलेगा.
इस स्कीम के तहत लोन लेने वालों को ब्याज़ पर लगने वाले ब्याज़ से राहत दी जा रही है. यह राहत 1 मार्च से 31 अगस्त की अवधि के लिए मिलेगी. इसमें चक्रवृद्धि ब्याज़ और सामान्य ब्याज़ के बीच के अंतर को सरकार भरेगी.
मंत्रालय ने शुक्रवार को एलान किया है, "कोविड-19 के चलते पैदा हुए असाधारण हालात में केंद्र सरकार ने उधार लेने वालों को 1 मार्च 2020 से लेकर 31 मार्च 2020 तक की अवधि के लिए ब्याज पर लगने वाले ब्याज से राहत दी है."
इस स्कीम के तहत मिलने वाले फायदे को कर्ज देने वाले संस्थानों के जरिए उधार लेने वालों को दिया जाएगा. यह स्कीम सुप्रीम कोर्ट के केंद्र सरकार को दिए गए उस निर्देश के बाद आई है जिसमें कोर्ट ने कहा था कि केंद्र जल्द से जल्द 2 करोड़ रुपये तक के कर्जों पर ब्याज से छूट दे.
कोर्ट ने कहा था कि केंद्र की ओर से इस मसले में की जा रही देरी ठीक नहीं है. इस गतिविधि के पूरा होने के बाद बैंक और दूसरे उधार देने वाले संस्थान 15 दिसंबर 2020 तक रीइंबर्समेंट के लिए क्लेम कर पाएंगे.(https://www.bbc.com/hindi)


