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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 अक्टूबर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रसाद’ योजना में डोंगरगढ़ की आराध्य शक्ति मां ब लेश्वरी को भी शामिल कर राजनांदगांव जिले को पर्यटन की एक बड़ी सौगात दी है। इस योजना के जरिए देश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों और मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा। नए सिरे से मंदिर परिसर के मौजूदा ढांचों में व्यापक बदलाव किया जाएगा।
बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने प्रसादी योजना में छत्तीसगढ़ से इकलौते डोंगरगढ़ को ही सूचीबद्ध किया है। केंद्र सरकार ने डोंगरगढ़ की सौंदर्यीकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 43 करोड़ की स्वीकृति दी है। बताया जाता है कि पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए डोंगरगढ़ का नाम शामिल कराने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी कोशिशें चल रही थी।
केंद्र की राशि से डोंगरगढ़ मंदिर और परिसर का स्वरूप भी बदल जाएगा। आकर्षक बदलाव होने से भक्तो और दर्शनार्थियों की बुनियादी सुविधाएं भी बेहतर होगी। बताया जाता है कि योजना से मंदिर की साढिय़ों, पार्किंग, तालाब सौंर्दयीकरण एवं तीर्थयात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधा केंद्र का निर्माण किया जाएगा। यह पहला अवसर है कि जब प्रशासकीय स्तर पर करोड़ों रूपए दिए जाएंगे।
डोंगरगढ़ मंदिर का ज्यादातर विकास निजी और सामाजिक संगठनों की मदद से हुआ है। बताया जाता है कि प्रसादी योजना की राशि से कार्य होने के बाद डोंगरगढ़ न सिर्फ देश में बल्कि पर्यटन के वैश्विक मानचित्र में शामिल हो जाएगा।
इस संबंध में सांसद संतोष पांडे ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि मेरे संसदीय कार्यकाल का यह एक प्रमुख अध्याय है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए मैं लगातार केंद्रीय पर्यटन मंत्री से संवाद कर रहा था। निश्चित तौर पर इस योजना से डोंगरगढ़ को वैश्विक पहचान बनेगी। इधर योजना से डोंगरगढ़ को रेल सेवा भी लाभ मिलना तय है।
देश के पर्यटन केंद्र में शामिल होने के बाद धार्मिक यात्रा के लिए स्वाभाविक रूप से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। देश और विदेश से यात्रियों की आवाजाही बढऩे से रेल सेवा का विस्तार भी होगा। इस योजना के दूरगामी परिणाम आर्थिक और धार्मिक रूप से काफी कारगर साबित होंगे। बताया जाता है कि योजना के चलते मंदिर से जुड़े कारोबारियों की आय भी बढ़ेगी। वही ट्रस्ट और दुकानदारों के लिए नए आय के स्रोत भी खुलेगें।


