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रायपुर, 15 जून। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने सरप्लस राज्य छत्तीसगढ़ में फिर से घरेलू बिजली दरों में वृद्धि पर राज्य के आम उपभोक्ताओं के साथ अन्याय बताया है। विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से घरेलू बिजली दरों में 6.23% की वृद्धि कर दी है जिससे घरेलू बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो जाएगी। वहीं गैर घरेलू बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट भी बढ़ाई गई है। किसानों को क़ृषि पम्प पर भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। एक तरफ छत्तीसगढ़ सरप्लस राज्य है उसके बावजूद सरकार द्वारा बिजली दर बढ़ाना समझ से परे है । जहां सरकार 600 करोड़ बड़े बकायादारों का बिल वसूल नहीं पा रही है लेकिन दूसरी तरफ आम जनता पर बिजली दलों की वृद्धि कर बोझ बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि वैसे भी पिछले 6 माह से जनता पर बोझ डाला जा रहा था, 6 माह से बढ़े हुए बिजली बिल के कारण जनता परेशान थी । औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल दुगुना आ रहा था। पहले ही सरकार ने बिजली के दाम बढ़ाये थे, बिजली बिल हाफ योजना बंद की गई और स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा था। निश्चित ही आम जनता के जेब पर भाजपा सरकार डाका डाल रही है। सरकार बिजली कंपनियों के खर्चे कम करने में नाकाम है। वाकई यह सरकार बिजली के मामले में पूरी तरह फेल है।
आम आदमी पार्टी सरकार से मांग करती है कि बढ़ी हुई बिजली दर यदि सरकार वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।


