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घरेलू उपभोक्ताओं को भी- राहत नहीं, एक जुलाई से..
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 जून। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावशील होंगी होंगी। आयोग ने 6.23 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
आयोग के सचिव सूर्य कुमार शुक्ला ने नई दरें जारी की है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। अलग-अलग स्लैब में बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। 0 से 100 यूनिट तक की खपत पर दर 4.10 रुपये से बढ़ाकर 4.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जबकि 101 से 200 यूनिट तक की खपत के लिए यह 4.20 रुपये से बढ़कर 4.50 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। 401 से 600 यूनिट तक की खपत पर दर 6.60 रुपये से बढ़कर 7 रुपये और 600 यूनिट से अधिक खपत पर 8.30 रुपये से बढ़ाकर 8.80 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
गैर घरेलू बिजली दरें
गैर-घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानों और कार्यालयों के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। 401 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 8.70 रुपये से बढ़कर 9.10 रुपये प्रति यूनिट हो गई है।
कृषि पंपों के लिए दरें
कृषि क्षेत्र में कृषि पंपों के लिए बिजली दर 5.80 रुपये से बढ़ाकर 6.20 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। हालांकि, बिना सब्सिडी वाले कृषि पंप उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क में मिलने वाली छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है।
उद्योगों की बिजली
उद्योगों के लिए भी बिजली महंगी हुई है। रेलवे ट्रैक्शन (132 केवी) की दर 5.55 रुपये से बढ़कर 5.90 रुपये प्रति यूनिट, स्टील उद्योग (33 केवी) की दर 6.65 रुपये से बढ़कर 7.05 रुपये तथा आईटी और टेक्सटाइल उद्योगों की दर 5.05 रुपये से बढ़कर 5.35 रुपये प्रति यूनिट हो गई है।
बिजली कंपनी ने 32,520 करोड़ रुपये के राजस्व की आवश्यकता और 8.40 रुपये प्रति यूनिट औसत लागत का दावा किया था, लेकिन आयोग ने 28,348 करोड़ रुपये की राजस्व आवश्यकता और 7.13 रुपये प्रति यूनिट औसत लागत को स्वीकार किया। कंपनी द्वारा बताए गए 6,304 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले आयोग ने केवल 1,662 करोड़ रुपये के घाटे को मान्यता दी।
सरकारी संस्थानों को छूट
आयोग ने कई राहतें भी दी हैं। नगर निगम और पंचायत कार्यालयों, आवास बोर्ड की स्ट्रीट लाइट तथा जल आपूर्ति योजनाओं को गैर-घरेलू श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में रखा गया है। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के छात्रावासों को भी घरेलू टैरिफ का लाभ मिलेगा। महिला स्व-सहायता समूहों के उद्योगों को बिजली बिल में 10 प्रतिशत छूट जारी रहेगी। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग के लिए बिजली दर घटाकर 7.13 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
इसके अलावा 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत छूट मिलेगी, जबकि शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
अन्य बदलावों में अस्थायी कनेक्शनों पर शुल्क को 1.25 गुना से बढ़ाकर 1.5 गुना किया गया है। अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दी गई है। विलंब भुगतान अधिभार अब 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की जगह 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से लगाया जाएगा। बस्तर और सरगुजा के मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट भी दी गई है।


