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नायब तहसीलदार मारपीट: विधायक समर्थक दो आरोपियों का समर्पण, मुचलके पर रिहा
03-Jun-2026 7:06 PM
नायब तहसीलदार मारपीट: विधायक समर्थक दो आरोपियों का समर्पण, मुचलके पर रिहा

विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर जारी है राजस्व अफसरों का आंदोलन

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर, 3 जून।
सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र  के राजापुर में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट के मामले में नामजद दो आरोपियों ने बुधवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को मुचलके पर रिहा कर दिया। इधर, मामले में विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का आंदोलन लगातार जारी है।

गौरतलब है कि 27 मई को सीतापुर थाना क्षेत्र के राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। मामले में तुषार मानिक की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित नाजिम राजा, पंकज गुप्ता, यूसुफ समेत 10 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस में दर्ज मामले के बाद से प्रदेशभर के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार आंदोलनरत हैं। इसी बीच मामले में आरोपी बनाए गए विधायक समर्थक नाजिम राजा और पंकज गुप्ता ने बुधवार को थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों से चेकलिस्ट पर हस्ताक्षर कराए गए और बाद में उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया।

वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने पूर्व में स्वयं गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन बुधवार तक उन्होंने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण नहीं किया। मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में लगातार चर्चाएं जारी हैं। सूत्रों के अनुसार विवाद के बढऩे से सरकार पर भी दबाव बढ़ा है तथा आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर सीतापुर क्षेत्र में पदस्थ कुछ अधिकारियों के तबादले की भी चर्चा है।

इधर, विधायक की बहन सीमा धनकी द्वारा नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है।

बुधवार को सीतापुर की मितानिनों ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मितानिनों का कहना है कि सीमा धनकी स्वयं मितानिन हैं और उनके साथ हुए कथित दुव्र्यवहार की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और विधायक समर्थकों ने भी नायब तहसीलदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था।

उधर, कांग्रेस ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरगुजा कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि घटना के बाद उत्पन्न प्रशासनिक गतिरोध से आम जनता प्रभावित हो रही है और संवैधानिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।


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