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रायपुर, 31 मई। प्रदेश में जारी सुशासन तिहार शिविरों में अधिकारी कर्मचारियों के साथ भाजपा नेताओं के दुर्व्यवहार पर सबसे बड़े कर्मचारी संगठन ने विरोध जताया है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने ऐसे अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज एवं मारपीट की बढ़ती घटनाओं की कड़ी निंदा की है।
फेडरेशन ने कहा है कि शासकीय सेवक पूरी निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उनके साथ इस प्रकार का अमानवीय एवं अपमानजनक व्यवहार न केवल कर्मचारी-अधिकारी वर्ग के सम्मान पर आघात है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी कमजोर करने वाला कृत्य है।
फेडरेशन को यह स्वीकार्य नहीं हैं। ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों एवं अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा सुशासन की अवधारणा भी प्रभावित होती है। फेडरेशन ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध तत्काल एवं सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा शासकीय सेवकों की सुरक्षा एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
फेडरेशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो कर्मचारी-अधिकारी वर्ग अपने सम्मान एवं सुरक्षा की रक्षा हेतु प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


