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नीति आयोग में बस्तर के लिए मांग सकते हैं विशेष पैकेज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 मई। सीएम विष्णु देव साय 10 जून को दिल्ली में एनडीए शासित राज्यों के सीएम की बैठक में प्रदेश सरकार का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करेंगे। बताया गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार के कई मंत्री भी शामिल रहेंगे। सीएम राज्य की उपलब्धियों और आगामी विकास योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके बाद 11 जून को प्रस्तावित नीति आयोग की बैठक में वे बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग उठा सकते हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक एनडीए के सीएम की बैठक दो साल बाद 10 जून को होने जा रही है। पिछली बैठक में सीएम ने नक्सल उन्मूलन और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रूपरेखा से अवगत कराया था। अब नक्सलियों का खात्मा हो चुका है और प्रभावित इलाकों में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी पीएम और केंद्रीय मंत्रियों को दी जा सकती है।
बताया गया कि नीति आयोग की बैठक 11 जून को भारत मंडपम में प्रस्तावित है। इसमें भी पीएम नरेंद्र मोदी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार सीएम इस बैठक में नक्सल खात्मे के बाद बस्तर के विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग कर सकते हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह वर्ष 2031 तक बस्तर को प्रदेश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में सीएम बस्तर की विभिन्न परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि की मांग उठा सकते हैं।
बताया गया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद प्रदेश सरकार ने बस्तर में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कृषि, सिंचाई, सहकारिता और पर्यटन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया है। कृषि का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से इंद्रावती नदी पर बोधघाट परियोजना पर काम शुरू करने की तैयारी है और इसके लिए सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है।
कहा जा रहा है कि इस सिंचाई परियोजना से बस्तर के अत्यंत पिछड़े जिलों सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में लगभग ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा आदिवासियों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए एनडीडीबी के सहयोग से डेयरी योजना पर भी काम चल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया जा सकता है। इसके अलावा बस्तर में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती और संचालन पर राज्य सरकार के हिस्से के रूप में देय लगभग 21 हजार करोड़ रुपये की राशि को माफ करने का अनुरोध भी सीएम केंद्र सरकार से कर सकते हैं।


