ताजा खबर

1 जून से खेत बचाओ अभियान चलाएगा केंद्र
29-May-2026 10:38 PM
1 जून से खेत बचाओ अभियान चलाएगा केंद्र

चौहान ने राज्यों के मंत्रियों से साझा की योजना 
 
दिल्ली/रायपुर, 29 मई। राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ अभियान 2026 में सहभागिता की।
 
श्री सिंह चौहान ने खरीफ 2026 के लिए राज्यों को स्पष्ट कृषि रोडमैप दिया। इस मौके पर उन्होंने 1 जून से चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” को जनआंदोलन बनाने कहा‌। चौहान बोले- किसान हित में अब तेज़ फैसलों और ठोस अमल का समय है।बीज से बाजार तक कृषि व्यवस्था हो पूरी तरह दुरुस्त हो। खेती को दिशा, किसान को सुरक्षा और व्यवस्था में सुधार आएगा।नकली बीज, घटिया कीटनाशक और लापरवाही अब नहीं चलेगी। सिंह ने कहा- हर राज्य बनाए कृषि रोडमैप, हर किसान तक लाभ पहुंचे। कृषि क्षेत्र में सभी राज्य करें रिफॉर्म, किसानों के लिए नियमों को बनाएं सरल।
 
इस दौरान छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता।
 
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत जिसमें 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।
 
कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
 
टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती के तहत् 23,050 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जा चुका है, जिसमें 461 क्लस्टर्स और 922 कृषि सखियों की मदद ली जा रही है। सॉइल हेल्थ के तहत् वर्ष 2025-26 में 2.81 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, नई पीढ़ी को कृषि से जोड़ने के लिए राज्य के 126 पीएम श्री स्कूलों में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं (सॉइल टेस्टिंग लैब्स) स्थापित की जा चुकी हैं। 
 
इस अवसर पर संचालक कृषि  राहुल देव, संचालक  राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के एमडी अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी  लोकेश चंद्राकर सहित  अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अन्य पोस्ट