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देखें VIDEO: उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य में ऊदबिलाव...
26-May-2026 10:49 PM
देखें VIDEO: उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य में ऊदबिलाव...

ऊदबिलाव दिवस पर विशेष 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता 
रायपुर, 26 मई।
उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य के जल स्रोतों में ऊदबिलाव (ओटर) की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। यह जानकारी वन विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त अध्ययन में सामने आई है।

बताया गया कि गरियाबंद वनमंडल के डीएफओ वरुण जैन के प्रयासों से कैमरा ट्रैप में ऊदबिलाव के चित्र मिले हैं। जैन ने 'छत्तीसगढ़' से चर्चा में कहा कि ऊदबिलाव होने के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।

बताया गया कि ऊदबिलाव नदियों, तालाबों और अन्य मीठे जल स्रोतों में पाया जाने वाला जीव है, जिसकी मौजूदगी जल स्रोतों की स्थिति को दर्शाती है।

विश्व में ऊदबिलाव की 13 प्रजातियां पाई जाती हैं। भारत में यूरेशियन ऊदबिलाव, स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव और एशियाई स्मॉल-क्लॉड ऊदबिलाव प्रजातियां दर्ज हैं। छत्तीसगढ़ में इन तीनों प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है।

हर वर्ष 27 मई को विश्व ऊदबिलाव दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऊदबिलाव संरक्षण और उससे जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्राकृतिक आवास में कमी, जल प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, अवैध शिकार और मानव-वन्यजीव संघर्ष को ऊदबिलाव के लिए खतरा माना जाता है।

बताया गया कि राज्य में वर्ष 2021 से ऊदबिलाव संरक्षण और अध्ययन का कार्य किया जा रहा है। जैव विविधता बोर्ड  द्वारा कोरबा, कांकेर, गरियाबंद और बस्तर संभाग में कैमरा ट्रैप और मैदानी अध्ययन के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है।

हाल ही में एक अध्ययन रिपोर्ट वन विभाग को सौंपी गई है। अध्ययन में राज्य के विभिन्न जिलों में ऊदबिलाव की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं।


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