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मथुरा, 26 मई। उत्तर प्रदेश के मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपने पति धर्मेंद्र को मरणोपरांत दिए गए ‘पद्म विभूषण’ सम्मान को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान की निशानी करार दिया।
बॉलीवुड के बेहद शानदार अभिनेताओं में शुमार धर्मेंद्र का पिछले साल नवंबर में 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया।
हेमा ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपने पति को मिले ‘पद्म विभूषण’ सम्मान को ग्रहण करने के पल को बेहद भावुक बताया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र ने भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व किया।
हेमा ने कहा कि धर्मेंद्र एक बहुमुखी अभिनेता, एक अनुकरणीय इंसान और एक मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा, “वह सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे।”
हेमा ने कहा कि छह दशक से अधिक के शानदार करियर के दौरान धर्मेंद्र ने अपने कालजयी अभिनय, सादगी, गरिमा और गहरे सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से लोगों के जीवन को छुआ।
उन्होंने कहा कि वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें कई यादगार फिल्मों में धर्मेंद्र के साथ काम करने का मौका मिला और बाद में वह उनकी जीवनसंगिनी बनीं।
हेमा ने कहा, “वह एक प्रेम करने वाले और ख्याल रखने वाले पति, एक स्नेहपूर्ण पिता और दादा, तथा एक सच्चे मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक थे।”
धरम सिंह देओल उर्फ धर्मेंद्र का जन्म वर्ष 1935 में पंजाब में हुआ था। भारतीय सिनेमा में अपने लगभग 65 साल लंबे सफर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
धर्मेंद्र ने 'शोले', 'चुपके चुपके', 'सत्यकाम', 'अनुपमा' और 'सीता और गीता' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में यादगार अभिनय किया। उनका निधन 24 नवंबर 2025 को मुंबई में हुआ।
धर्मेंद्र को इससे पहले वर्ष 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वह साल 2004 में बीकानेर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे थे। (भाषा)


