ताजा खबर
डामर की कीमतों में बढ़ोतरी पर कैबिनेट का फैसला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 मई। सरकार ने डामर की बढ़ी कीमतों के चलते सड़क निर्माण ठेकेदारों को बड़ी राहत दी है। उन्हें क्षतिपूर्ति राशि राशि देने का फैसला लिया गया है। इस आशय के प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट की बैठक में उद्योग विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बताया गया कि राज्य के विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्रियों के निस्तारण के लिए भारत सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एम एमटीसी) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध को 3 साल के लिए बढ़ाया गया। यह अनुबंध नवंबर 2019 से प्रभावी था और 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। एमएमटीसी के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म से देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली लगा सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्य को बेहतर मूल्य मिलेगा। इससे विभागों को अलग से निविदा प्रक्रिया नहीं करनी होगी और प्रशासनिक समय व संसाधनों की बचत होगी।
कर्मचारी चयन मंडल अब जीएडी के अधीन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम-2026 लागू होने के बाद पूर्व के छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है। साथ ही उसकी सभी परिसंपत्तियां एवं देनदारियां भी नए मंडल में शामिल हो गई हैं।

सड़क ठेकेदारों को डामर की बढ़ी कीमतों पर राहत
कैबिनेट ने खाड़ी युद्ध के चलते 1 अप्रैल के बाद बिटुमिन (डामर)की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है। यह राहत केवल बिटुमिन मूल्य वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए निर्धारित फार्मूले के आधार पर दी जाएगी। अन्य निर्माण घटकों पर अनुबंध के पुराने एस्केलेशन नियम यथावत लागू रहेंगे।
यह कहा गया कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने से डामरीकरण कार्य प्रभावित हो रहे थे। राज्य सरकार का उद्देश्य सड़क निर्माण कार्यों की गति बनाए रखना है ताकि जनता को समय पर लाभ मिल सके। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भी क्षतिपूर्ति राशि देने का फैसला लिया है।


