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असम में यूसीसी बिल पेश, समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम
25-May-2026 6:44 PM
असम में यूसीसी बिल पेश, समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम

असम सरकार ने सोमवार, 25 मई को राज्य विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के लिए एक विधेयक पेश किया. यह एक विवादास्पद और बहुप्रतीक्षित कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानून लागू करना है. संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को ऐसे समान नागरिक संहिता की दिशा में काम करने की सलाह दी गई है, हालांकि आजादी के बाद से अब तक अलग-अलग धार्मिक समुदायों के अपने व्यक्तिगत कानून लागू रहे हैं.

इससे पहले, फरवरी 2024 में उत्तराखंड यूसीसी कानून पारित करने वाला भारत का पहला राज्य बना था. इसके बाद मार्च में गुजरात ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाया, जबकि मध्य प्रदेश में इस पर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाई गई है. गोवा फिलहाल एकमात्र राज्य है जहां पहले से ही पुर्तगाली सिविल कोड पर आधारित समान नागरिक संहिता जैसी व्यवस्था लागू है, जिसमें विवाह का पंजीकरण अनिवार्य है.

देशभर में यूसीसी लागू करना भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वैचारिक एजेंडे में शामिल रहा है. पार्टी ने 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद अपने दो बड़े वादे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 को हटाने को पूरा कर लिया है. (dw.com/hi)


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