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सपा सांसद इक़रा हसन ने सहारनपुर में हिरासत में लिए जाने का लगाया आरोप
20-May-2026 9:44 AM
सपा सांसद इक़रा हसन ने सहारनपुर में हिरासत में लिए जाने का लगाया आरोप

उत्तर प्रदेश के कैराना से सांसद और समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता इक़रा हसन ने सहारनपुर में उन्हें हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया है.

उनका कहना है कि वह एक लड़के की हत्या के मामले में मृतक के परिवार के साथ डीआईजी दफ़्तर में जांच की गुहार लगाने पहुंची थीं.

वहीं सहारनपुर पुलिस की ओर से जारी बयान में सांसद इक़रा हसन का ज़िक्र नहीं किया गया. लेकिन यह कहा गया कि डीआईजी कार्यालय के बाहर कुछ लोगों ने सड़क जाम की.

पुलिस के मुताबिक़, इन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है.

इक़रा हसन ने मीडिया से बातचीत में इस घटना के बारे में बताया है.

उन्होंने बताया, "एक लड़के की हत्या कर दी गई थी. मृतक की मां मेरे साथ थीं. हम सिर्फ़ पांच लोग डीआईजी साहब के पास निष्पक्ष जांच की गुहार लगाने गए थे. डीआईजी साहब ने इतना 'सम्मान' किया कि वो बुज़ुर्ग महिला रोती हुईं बाहर आईं."

सपा सांसद ने कहा, "हम बाहर आए. एक और आवेदन बनाने के लिए हम बाहर खड़े होकर बात रह रहे थे कि पुलिस प्रशासन ने वहां आकर भी सबको धमकाना शुरू कर दिया. हम सिर्फ़ पांच-सात लोग थे और व्हाइट पट्टी के अंदर (सड़क पर) थे. वहां कोई ट्रैफ़िक नहीं रुका. उसके बावजूद मुझे महिला थाने में ले गए कि मैंने वहां पर ट्रैफ़िक में बाधा उत्पन्न की है."

उन्होंने कहा, "मुझे महिला थाने में ले गए और जो अन्य पैरोकार थे, परिवार के सदस्यों को दूसरे थाने में ले जाकर, उनका चालान करके जेल भेज दिया गया है."

इक़रा हसन ने पुलिस की कथित कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मृतक के परिजनों को रिहा करने की मांग की.

उन्होंने कहा, "क्या डीआईजी दफ़्तर में खड़ा होना जुर्म है? क्या अधिकारी के पास अपनी गुहार लेकर जाना जुर्म है? अगर है तो हम सब तैयार हैं. जो कार्रवाई मृतक के परिजनों पर हुई है वो हम सब पर भी हो या उन्हें छोड़ा जाए."

वहीं सहारनपुर पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया, "आज दिनांक 19 मई 2026 को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के कार्यालय के बाहर कुछ लोगों द्वारा सड़क जाम किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी."

"सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुँचकर यातायात व्यवस्था सुचारु कराते हुए जाम खुलवाया गया. प्रकरण में जाम लगाने वाले लोगों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है."

इस मामले पर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भी प्रतिक्रिया आई है.

उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी की सांसद का गुनाह क्या केवल इतना है कि वो उस माँ की मदद कर रही थीं, जिसने अपना बेटा खोया है और जो संवेदनहीन-निर्मम भाजपा राज में न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हैं." (bbc.com/hindi)


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