ताजा खबर
धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 मई को अपना फ़ैसला सुनाया.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने हिंदू समुदाय के पक्ष में फैसला सुनाते हुए भोजशाला को माँ सरस्वती या मां वाग्देवी का मंदिर माना है.
इस फ़ैसले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये फैसला संवैधानिक मूल्यों के मुताबिक नहीं है.
उन्होंने कहा, “जो बाबरी मस्जिद और राम मंदिर का फैसला आया था, वो सिर्फ एक धर्म को महत्व दे रहा है और दूसरों की इबादतगाहों को खत्म कर रहा है."
"और एक बात ये भी है कि इस फैसले ने एक दरवाज़ा खोल दिया है. अब कल कोई भी कोर्ट चला जाएगा, क्योंकि प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट की अहमियत ख़त्म हो गई है."
"प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर केस में बेसिक स्ट्रक्चर से जोड़ा था, वो भी आज कोर्ट भूल गया. ये तो प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट का मज़ाक बना रहे हैं.”
उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि बाबरी मस्जिद-राम मंदिर पर आया फ़ैसला ग़लत था और आस्था पर आधारित था. उस समय मैंने आगाह किया था कि इस तरह के फ़ैसले से कई ऐसे ही विवादों के दरवाज़े खुल जाएंगे, लेकिन मुझसे चुप रहने को कहा गया. अब, दोनों ही मामलों में दी गई राहत एक जैसी है." (bbc.com/hindi)


