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भारत सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद अब ड्यूटी-फ़्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख़्त कर दिए हैं.
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड (डीजीएफ़टी) ने गोल्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट्र्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसके तहत आयात और निगरानी से जुड़े कई नियम बदले गए हैं.
नए नियमों के मुताबिक़, अब एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा. इससे पहले इस सीमा को लेकर नियम अपेक्षाकृत ढीले माने जाते थे.
डीजीएफ़टी ने कहा है कि नए आवेदकों के लिए फ़ैक्ट्री और सुविधा केंद्र का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी-फ़्री सोने का इस्तेमाल तय निर्यात गतिविधियों में ही हो.
मौजूदा निर्यातकों के लिए भी नई शर्तें लागू की गई हैं. नई अनुमति लेने के लिए उन्हें अपने पिछले एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा करना होगा.
यानी जिन कंपनियों ने पहले तय निर्यात लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं, उन्हें नई मंजूरी मिलने में दिक्कत हो सकती है.
इसके अलावा अब निर्यातकों को हर 15 दिन में रिपोर्ट जमा करनी होगी. सरकार का कहना है कि इससे निगरानी व्यवस्था और सख़्त होगी और सोने के आयात के इस्तेमाल पर क़रीब से नज़र रखी जा सकेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का फोकस सोने के आयात पर नियंत्रण और नियमों के पालन को मजबूत करने पर है. हाल के महीनों में सोने के आयात और व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ी है.
पिछले दिनों भारत ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था. (bbc.com/hindi)


