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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 26 अप्रैल। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कानून के छात्रों के बीच सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विवाद मारपीट में बदल गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, प्रियांशु सिंह, कौस्तुभ मणि पांडेय, अंशुमान सिंह और तूफान चंद्र नायक के बीच इंस्टाग्राम पर बातचीत के दौरान भगवान श्रीराम, परशुराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। आरोप है कि एक छात्र ने राजपूत समाज को लेकर भी विवादित टिप्पणी की, जिससे अन्य छात्रों की भावनाएं आहत हुईं।
24 अप्रैल की रात चैट के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद छात्र बड़ी संख्या में स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के सामने इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला गरमा गया और छात्रों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।
घटना के दौरान विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक विवाद बढ़ चुका था। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं, जबकि एक युवक सुरक्षा कर्मी से हस्तक्षेप की गुहार लगाता दिख रहा है।
घटना के बाद 25 अप्रैल को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं एबीवीपी ने भी इस मामले को लेकर विरोध जताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों छात्रों का हॉस्टल प्रवेश प्रतिबंधित कर निष्कासन का आदेश दिया है। साथ ही, दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश के साथ जांच समिति गठित की गई है।
सीयू मीडिया सेल के प्रभारी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों द्वारा हॉस्टल में अनुशासनहीनता की गई, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कोनी थाना पुलिस को विश्वविद्यालय की केंद्रीय सुरक्षा शाखा की ओर से शिकायत मिली है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और तथ्यों की जांच के बाद ही उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल परिसर में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।


