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ज्वेलरी लूट के पहले भाजपा पार्षद की हत्या के लिए ली थी 25 लाख की सुपारी
24-Feb-2026 1:51 PM
ज्वेलरी लूट के पहले भाजपा पार्षद की हत्या के लिए ली थी 25 लाख की सुपारी

साजिश नाकाम, 7 आरोपी गिरफ्तार

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 24 फरवरी। महालक्ष्मी ज्वेलर्स में तीन करोड़ से ज्यादा की लूट और संचालक पर जानलेवा हमले की गुत्थी सुलझाते-सुलझाते पुलिस के हाथ एक और बड़ा राज लगा। जांच में खुलासा हुआ कि शहर में सक्रिय यह अंतरराज्यीय गिरोह असल में वार्ड 36 के पार्षद और एमआईसी सदस्य बंधु मौर्य की हत्या की सुपारी लेकर बिलासपुर आया था। हत्या की कोशिश नाकाम रही तो गैंग ने शहर के बड़े व्यापारियों और ज्वेलर्स को निशाना बनाया।

सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि जमीन कारोबार के विवाद में भाजपा पार्षद की हत्या के लिए 25 लाख की सुपारी इन्हीं आरोपियों ने ली थी, जिसकी साजिश कई महीनों से रची जा रही थी।

मालूम हो कि 17 फरवरी की रात राजकिशोर नगर में महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी अपनी दुकान बंद कर कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में एक सूनसान मोड़ पर आरोपियों ने पहले उनकी कार को टक्कर मारी, फिर पिस्टल की बट और हथौड़े से बेरहमी से हमला कर दिया। हमलावर चार बड़े बैग में करीब दो किलो सोना, सैकड़ों ग्राम तैयार और कच्चा सोना तथा साढ़े तीन लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। जाते-जाते वे उनकी कार भी ले गए। घायल संतोष तिवारी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।

एसीसीयू और सरकंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने जब जांच शुरू की तो दिसंबर 2025 की एक नाकाम हत्या की कोशिश से तार जुड़ते गए। पता चला कि दयालबंद इलाके की जमीन को लेकर राजू सोनकर और पार्षद बंधु मौर्य के बीच विवाद चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक, राजू सोनकर ने नारद उर्फ सुमित श्रीवास को 25 लाख रुपये में बंधु मौर्य की हत्या की सुपारी दी थी। छह लाख रुपये एडवांस भी दिए गए। नारद ने दिल्ली, यूपी और मध्यप्रदेश से शूटर बुलाए।

18 दिसंबर 2025 की सुबह आरोपियों ने चांटीडीह कॉम्प्लेक्स के पास पार्षद की कार को रोकने की कोशिश की। पिस्टल दिखाकर हमला करने की योजना थी, लेकिन पार्षद ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी तेज कर दी और जान बच गई। हत्या की साजिश फेल होने के बाद गैंग ने खर्च निकालने के लिए अन्य वारदातों की राह पकड़ी।

जांच में यह भी सामने आया कि 19 दिसंबर को होटल व्यवसायी लखन देवांगन उर्फ नेटी समोसा को लूटने की कोशिश की गई थी। आरोपी सुबह-सुबह दो बाइक पर पहुंचे, लेकिन वारदात सफल नहीं हो पाई। इसके बाद त्योहार के दौरान सदर बाजार की एक ज्वेलरी दुकान का तिजोरी तोड़ने की भी योजना बनाई गई, पर वह भी टल गई।

घटना के बाद तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, डॉग स्क्वॉड, एफएसएल और साइबर सेल की मदद से पुलिस को सुराग मिला कि आरोपी बनारस रोड की ओर भागे हैं। तुरंत टीम यूपी के मिर्जापुर पहुंची। आहरौरा थाना पुलिस की मदद से घेराबंदी कर चार मुख्य आरोपियों को दबोचा गया। उनके कब्जे से लूटा गया 100 प्रतिशत माल, नकदी, पिस्टल, कारतूस, छह धारदार चाकू और तीन चारपहिया वाहन बरामद किए गए।

पुलिस ने अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विनोद उर्फ बिन्नू प्रजापति (अनूपपुर, म.प्र.), करीम खान (बरेली, यूपी), विजय लांबा (नई दिल्ली), मोनू उर्फ राहुल उर्फ गुड्डू (नोएडा), इरफान अली (सीपत, बिलासपुर), नारद उर्फ सुमित श्रीवास (सिविल लाइन, बिलासपुर) और राजू सोनकर (सरकंडा, बिलासपुर) शामिल हैं।

आरोपियों से 5 लाख 33,000 रूपये नगद, एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस, 6 धारदार चाकू, 6 मोबाइल फोन, मारुति इको, रेनॉल्ट क्विड और महिंद्रा स्कॉर्पियो तथा लूटा गया पूरा सोना बरामद किया गया है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बिना आईडी होटल और फार्महाउस में ठहरे थे। वहीं बैठकर पार्षद की दिनचर्या, घर-परिवार और रूट की रेकी की गई। हत्या के साथ लूट की भी योजना थी, ताकि मोटी रकम हाथ लगे।

जब पार्षद बच निकले तो गैंग ने महालक्ष्मी ज्वेलर्स को टारगेट किया। फरवरी में दोबारा संपर्क कर पूरी योजना को अंजाम दिया गया।

मामले में सरकंडा थाने में लूट, हत्या की साजिश और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। मिर्जापुर (यूपी) में भी पुलिस पर हमला और फरारी के मामलों में अलग केस कायम किया गया है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में अपराध करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अंतरराज्यीय गिरोहों पर नजर रखी जा रही है। तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई से इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश संभव हुआ।

फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस आगे की कड़ी जोड़ने में जुटी है।


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