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मेघालय के मुख्यमंत्री कोनार्ड संगमा ने पूर्वोत्तर की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी है.
संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''उत्तर-पूर्व की महिलाओं के साथ होने वाला नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न केवल एक सुर्ख़ी बनकर नहीं रह जाना चाहिए. ये सनसनीखेज तरीके से पेश किया जाने वाला और ऐसी कोई दूसरी घटना तक भुला दिया जाना वाला मुद्दा नहीं होना चाहिए.''
उन्होंने लिखा, ''नगालैंड की रहने वाली और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित एम्स की एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुआ नस्लीय और यौन उत्पीड़न बेहद शर्मनाक है. किसी महिला की मर्यादा भंग करना किसी सभ्य राष्ट्र को स्वीकार नहीं होना चाहिए. वे भी आपकी बहनें और बेटियां हैं.''
''मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाए.''
इस बीच गोरखपुर सिटी के एसपी अभिनव त्यागी ने इस मामले में कार्रवाई की जानकारी दी है.
उन्होंने कहा, ''22 फ़रवरी की रात गोरखपुर जिले के एम्स थाना क्षेत्र को सूचना मिली कि एम्स में कार्यरत एक महिला डॉक्टर के साथ कुछ मोटरसाइकिल सवार युवकों ने छेड़छाड़ की. इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.''
उन्होंने लिखा, ''घटना में शामिल दो अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया गया है और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है. आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.''
गोरखपुर एम्स में काम करने वाली नगालैंड की एक महिला डॉक्टर पर 22 फ़रवरी की रात नस्लीय टिप्पणी करने और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है.(bbc.com/hindi)


