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राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश), 23 फरवरी। पूर्वी गोदावरी जिले में एक अनधिकृत विक्रेता द्वारा बेचे गए कथित मिलावटी दूध के सेवन से पिछले 48 घंटों में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इन मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
पुलिस ने बताया कि ‘‘दूषित’’ दूध का सेवन करने के बाद दो लोगों की मौत रविवार को हुई, जबकि दो अन्य लोगों ने आज दम तोड़ दिया इसके अलावा 12 और पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, दूषित दूध के कारण गुर्दे खराब होने से अचानक मूत्र संबंधी अवरोध पैदा हो गया और मौत हो गई।
पूर्वी गोदावरी जिले की जिलाधिकारी कीर्ति चेकुरी ने बताया कि विशेष प्रतिक्रिया दल घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘डायलिसिस’ की आवश्यकता वाले 12 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि दूध के स्थानीय विक्रेता को हिरासत में लिया गया है।
कीर्ति ने मीडिया को बताया कि जिन 106 घरों में विक्रेता ने दूध बेचा वहां रक्त परीक्षण किए जा रहे है और अब तक निरंतर चिकित्सा निगरानी में 73 परिवारों से नमूने एकत्र किए गए।
इसी बीच, पशुपालन विभाग ने 46 मवेशियों का परीक्षण किया और नमूनों को वैज्ञानिक तथा पशु चिकित्सा प्रयोगशालाओं में भेजा, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दूध और दही के नमूनों को हैदराबाद तथा विशाखापत्तनम की प्रयोगशालाओं में भेजा।
पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डी. नरसिम्हा किशोर ने बताया कि अवैध डेयरी इकाई को जब्त कर लिया गया है।
किशोर ने अब तक एकत्र किए गए रक्त के नमूनों के आधार पर कहा कि बच्चे और बुजुर्ग व्यक्ति अधिक प्रभावित प्रतीत होते हैं और उन्होंने जनता को अगले कुछ दिनों तक केवल अच्छी तरह से उबला हुआ दूध पीने की सलाह दी।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी वी. वेंकटेश्वर राव ने बताया कि लक्षणों में मतली, उल्टी और पेशाब कम होना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार मिलावटी दूध का सेवन करने के बाद विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों के पूरे चिकित्सा खर्च को वहन करेगी।
नायडू ने कहा, ‘‘हम मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा दे रहे हैं और अस्पताल में भर्ती सभी लोगों का मुफ्त इलाज कर रहे हैं।’’
युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन में ‘लापरवाही’ ने लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है और उन्होंने कथित मिलावट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वाईएसआरसीपी की एक प्रेस विज्ञप्ति में रेड्डी ने कहा, ‘‘ऐसी घटनाएं निगरानी तंत्र में गंभीर खामियों को दर्शाती हैं। (भाषा)


