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भोपाल, 23 फरवरी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के मुद्दे पर मंगलवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पार्टी की ओर से आयोजित की जाने वाली किसान महा चौपाल में किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें संबोधित भी करेंगे।
यहां जवाहर चौक पर इस कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं और प्रदेशभर के किसानों से इस महा चौपाल में शामिल होने की अपील की है।
महा चौपाल से पहले कांग्रेस के नेताओं ने गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद किया और बताया है कि कैसे यह समझौता उनके हितों के खिलाफ है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव समेत पार्टी के तमाम नेताओं ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर वीडियो जारी कर किसानों और सामान्य जन से इस महा चौपाल में शामिल होने की अपील की है।
पटवारी ने ऐसे ही एक वीडियो में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के किसानों के गले पर तलवार रखकर अमेरिका से व्यापार समझौता किया है। इसके खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को भोपाल में किसान महा चौपाल में किसानों की लड़ाई को मजबूती देंगे।’’
उन्होंने मध्यप्रदेश के किसानों और आम जन से ज्यादा से ज्यादा तादाद में इस लड़ाई में शामिल होकर किसानों के हाथ मजबूत करने की अपील की।
सिंघार ने कहा, ‘‘प्रिय किसान भाइयो-बहनो, नौजवान साथियो और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओ, 24 फरवरी को भोपाल में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी किसान महापंचायत में शामिल होकर अन्नदाताओं की आवाज बुलंद करेंगे।’’
उन्होंने दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद कपास, सोयाबीन, मक्का, सरसों जैसी फसलों के दाम गिर रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘आय दोगुनी करने का वादा अधूरा है, किसान कर्ज में डूबा है और संकट से जूझ रहा है। जब प्रदेश ‘किसान कल्याण वर्ष’ मना रहा है, तब किसानों के असली मुद्दों से ध्यान क्यों हटाया जा रहा है?’’
सिंघार ने इस महा चौपाल को किसान सम्मान और अधिकार की ‘‘निर्णायक लड़ाई’’ का करार देते हुए लोगों से इसमें अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का अनुरोध किया।
इससे पहले, कांग्रेस के विधायकों ने इस मुद्दे पर विधानसभा में प्रदर्शन किया और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को किसानों के लिए ‘खतरा’ करार दिया।
पार्टी विधायकों ने दावा किया कि इससे कृषि बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
भारत और अमेरिका इस महीने की शुरुआत में अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक रूपरेखा पर सहमत हुए थे, जिसके तहत अमेरिका शुल्क 18 प्रतिशत कर देगा। हालांकि, अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने बाद में फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाया गया शुल्क अवैध है।
ट्रंप ने शनिवार को सभी देशों पर शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की। (भाषा)


