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रांची, 20 फरवरी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केरल की उस बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम को श्रद्धांजलि दी, जिसके माता-पिता ने उसकी मृत्यु के बाद उसके अंगदान कर दिए थे।
सोरेन ने कहा कि बच्ची अमर हो गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य की अंगदान नीति को सुदृढ़ करने के लिए सभी कदम उठाएगी। सोरेन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोना सबसे असहनीय क्षण होता है।
सोरेन ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में, श्रीमती शेरिन एन. जॉन और श्री अरुण अब्राहम का अपनी प्रिय बच्ची के अंगों को दान करने का निर्णय साधारण नहीं, बल्कि असाधारण साहस, त्याग और करुणा का उदाहरण है। यह केवल अंगदान नहीं था; यह मानवता में उनके अटूट विश्वास का जीता-जागता प्रमाण था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि आलिन का जीवन अल्प था, लेकिन आज वह कई घरों में आशा की किरण बनकर जीवित है और अमर हो गई है।’’
झारखंड के मुख्यमंत्री ने बच्ची के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान दिये जाने को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सराहना की।
अंगदान को दूसरों को जीवन देने का सबसे महान कार्य बताते हुए सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार इस तरह की और जीवनरक्षक पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की अंगदान नीति को और मजबूत करने के लिए सभी कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि आलिन के माता-पिता द्वारा स्थापित उदाहरण सीमाओं, भाषाओं और सभी भेदों से परे है और मानवता के लिए एक स्थायी संदेश है।
आलिन शेरिन पांच फरवरी को कोट्टायम के पास पल्लम में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसका उपचार किया गया लेकिन 12 फरवरी को चिकित्सकों ने उसे ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया। उसके माता-पिता की सहमति से, केरल राज्य अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन (के-सोट्टो) के माध्यम से अंगदान प्रक्रिया का समन्वय किया गया।
आलिन का हृदय वाल्व तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान; उसका लीवर तिरुवनंतपुरम स्थित केआईएमएस अस्पताल और उसके गुर्दे तिरुवनंतपुरम स्थित सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय भेजे गए। उसकी आंखें नेत्र बैंक को दान की गईं। (भाषा)


