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फरारी काट रहे ठग राजस्थान से पकड़े गए
रायपुर, 16 फरवरी। ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो साइबर ठगों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। इनके विरुद्ध
थाना राखी और धरसीवां में 13 मामले दर्ज हैं।
पारस कुमार धीवर ने पिछले दिनों थाना राखी में रिपोर्ट दर्ज कराया था। इन्होंने ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के झांसे 24 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। इसी तरह से
ललित साहू ने थाना धरसीवां में रिपोर्ट दर्ज कराया था। इसने भी ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के झांसे 34 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।
। इनके विरुद्ध धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता, 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर पड़ताल कर रही थी। साइबर पुलिस ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं टेलीग्राम एप से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म जांच कर आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को राजस्थान और महाराष्ट्र भेजा गया।
जहां सेआशीष परिहार, पिता बनवारी लाल परिहार, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम डेराथू, नसीराबाद, जिला अजमेर (राजस्थान) और लक्ष्मन देवाशी पिता साकला देवासी उम्र 37 वर्ष पता भारला पाली (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है। न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इससे पहले भवानी सिंह, निवासी अजमेर (राजस्थान) उत्पल पंचारिया, निवासी जोधपुर (राजस्थान) साहिल संतोष, नासिक (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया था।
बरतें ऐसी सावधानी
ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम फ्राड कैसे पहचानें
टास्क/लाइक/रिव्यू जॉब: आसान काम के बदले मोटी कमाई का लालच
रजिस्ट्रेशन/सिक्योरिटी फीस: काम शुरू करने से पहले पैसे मांगना
फेक HR कॉल/मैसेज: WhatsApp या Telegram पर अनजान नंबर से ऑफर
फर्जी ऐप/लिंक: बाहर से APK डाउनलोड करवाना
बैंक/UPI की जानकारी मांगना: OTP, UPI Collect स्वीकार करवाकर पैसे निकलवाना
सतर्क रहने के उपाय
कोई फीस न दें– असली नौकरी पैसे नहीं मांगती।
कंपनी की जांच करें– वेबसाइट, ऑफिस एड्रेस, आधिकारिक ई-मेल देखें।
अनजान लिंक न खोलें– खासकर शॉर्ट लिंक/QR/OTP/UPI साझा न करें
ऐप सिर्फ आधिकारिक स्टोर से – जैसे Google Play Store/App Store से डाउनलोड करें
स्क्रीनशॉट/रिकॉर्ड सुरक्षित रखें– चैट, नंबर, ट्रांजैक्शन ID संभालकर रखें।


