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नशे का कारोबार रोकने के लिए दस जिलों में टास्क फोर्स
04-Feb-2026 4:45 PM
नशे का कारोबार रोकने के लिए दस जिलों में टास्क फोर्स

 कैबिनेट की बैठक
फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गनाइजेशन की होगी स्थापना

छत्तीसगढ़ संवाददाता 

रायपुर,4 फरवरी। नशे का कारोबार रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश के दस जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह फैसला बुधवार कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

कैबिनेट की बैठक में नशे के कारोबार की रोकथाम की दिशा में टास्क फोर्स के गठन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।   इसमें  प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई।  जिन जिलों में नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित किया जाना है, उनमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 
 

बैठक में एसओजी के गठन को मंजूरी दी गई।वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है।
 

एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 

 

फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गनाइजेशन की होगी स्थापना 

राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 
बताया गया कि कैबिनेट में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स और अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।


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