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लोकसभा में सांसद बृजमोहन ने उठाया जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का मुद्दा
नई दिल्ली/रायपुर 2 फरवरी छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 18 स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। यह कहना है सांसद बृजमोहन अग्रवाल को, जिन्होंने सोमवार को लोकसभा में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सहित देश के जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल से जुड़े शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत निपुण भारत मिशन की प्रगति, क्षेत्रीय एवं भाषाई असमानताओं, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जिलों में एफएलएन परिणामों, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता तथा 2026-27 तक सार्वभौमिक एफएलएन दक्षता प्राप्त करने की कार्यनीतियों पर केंद्र सरकार से जानकारी मांगी थी। इस जानकारी के आधार पर सांसद बृजमोहन ने बताया कि समग्र शिक्षा के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातीय क्षेत्रों सहित कुल 10,771 स्मार्ट कक्षाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5,857 स्मार्ट कक्षाएँ वर्तमान में कार्यात्मक हैं। इसके साथ ही सीआईआईएल, मैसूर के सहयोग से छत्तीसगढ़ी, हल्बी और सुरगुजिहा भाषाओं में त्रिभाषी शब्दकोश एवं डिजिटल सामग्री भी विकसित की गई है।


