ताजा खबर

10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
29-Jan-2026 5:07 PM
10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने गिनाई पंचायत-ग्रामीण विकास की उपलब्धियां

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 29 जनवरी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने गुरुवार को पंचायत-ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल में स्व-सहायता समूहों की संख्या बढ़ी है, और करीब 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सशक्त किया गया है। डिप्टी सीएम ने पीएम आवास, और सडक़ निर्माण योजना की भी जानकारी दी।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपने पंचायत विभाग के कार्यक्रमों का ब्यौरा देते हुए कहा कि गांवों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए 6 हजार 195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जिनके माध्यम से करीब 919 करोड़ रुपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों को स्वयं की आय बढ़ाने के लिए समर्थ पंचायत पोर्टल प्रारंभ किए गए हैं। इसके द्वारा कर और अन्य शुल्क ऑनलाइन जमा किए जा रहे हैं। अब तक 24 लाख 97 हजार कर दाताओं का पंजीयन हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 45 लाख राजस्व संग्रहण किया गया है।

 

डिप्टी सीएम ने बताया कि दो राज्य छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा प्रारंभ हुई है। उन्होंने बताया कि गांवों में निर्मित शासकीय परिसंपत्तियों के सुव्यवस्थित अभिलेखीकरण के लिए ग्राम संपदा मोबाइल एप का उपयोग किया जा रहा है। जिसके माध्यम से अब तक 83 हजार से अधिक परिसंपत्तियों का ऑनलाइन प्रविष्ठि पूरी की जा चुकी है।

उन्होंने नक्सल क्षेत्र में सडक़-पुल पुलियों के निर्माण की जानकारी दी। इस योजना के तहत नक्सल प्रभावित जिलों में एससीए मद से 45 सडक़ें, 151 किलोमीटर सडक़ और 18 पुल निर्माण के लिए 179 करोड़ की मंजूरी मिली है। डिप्टी सीएम ने आवास निर्माण का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए 18 लाख 12 हजार आवासों को स्वीकृत किया गया है। इनमें से दो साल में 8 लाख 40 हजार से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 3416 आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने मनरेगा आदि के कार्यों में पारदर्शिता के लिए क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था की जानकारी भी दी।  चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह और मनरेगा आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा भी थे।


अन्य पोस्ट