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नयी दिल्ली, 28 जनवरी। विपक्षी सदस्यों ने बुधवार को संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के दौरान ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ का विरोध करते हुए नारेबाजी की, जिसकी सरकार ने कड़ी निंदा की और कहा कि विपक्ष को इस आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और किरेन रीजीजू ने विपक्ष को निशाने पर लिया।
रीजीजू ने आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों ने अपने आचरण से देश को शर्मिंदा किया और राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान नारे लगाकर सरदार वल्लभभाई पटेल, बाबासाहेब भीमराव आंबडेकर, बिरसा मुंडा, भूपेन हजारिका, गुरु तेग बहादुर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का भी अपमान किया।
नड्डा ने कहा, "जिस तरह से इन लोगों ने संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचाया, वह बेहद निंदनीय है। जितनी भी निंदा की जाए वह पर्याप्त नहीं है। उन्हें संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए।’’
राष्ट्रपति मुर्मू ने जैसे ही संसद के संयुक्त सत्र में अपना संबोधन शुरू किया, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्यों ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम’ के खिलाफ नारे लगाए और इसे वापस लेने की मांग की।
इसके बाद जब अपने अभिभाषण में मुर्मू ने नए कानून का उल्लेख किया तो विपक्षी सदस्य फिर से नारे लगाने लगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्षी सदस्य खड़े हो गए और कानून के प्रति विरोध जताया।
राष्ट्रपति मुर्मू अपने संबोधन के दौरान एक पल के लिए रुकीं, हालांकि फिर उन्होंने संबोधन जारी रखा।
विपक्ष के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नड्डा ने कहा, ‘‘संसद का बजट सत्र आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। लेकिन, जिस तरह से कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने आदतन संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन किया, वह पूरी तरह से निंदनीय है और इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है।"
राज्यसभा में सदन के नेता ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘जब राष्ट्रपति अपने संबोधन में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मनाने और अमर विद्वान बंकिम बाबू के कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रही थीं, तो कांग्रेस और 'इंडिया’ गठबंधन ने हंगामा खड़ा कर दिया और नारे लगाने लगे।"
नड्डा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की भी आलोचना की और कहा कि यह "आश्चर्यजनक" था कि इस पार्टी के सदस्यों ने विपक्ष के हंगामे में तब भाग लिया जब राष्ट्रपति मुर्मू, बंकिम चंद्र चटर्जी को या कर रही थीं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए रीजीजू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जो किया उससे देश शर्मिंदा है। देश इसके लिए कांग्रेस और विपक्ष के सहयोगियों को कभी माफ नहीं करेगा।’’
रीजीजू ने कहा, ‘‘जरा सोचिए कि क्या कोई जिम्मेदार संसद सदस्य कभी इस तरह का व्यवहार कर सकता है।"
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दलों ने जिस तरह की राजनीति की, उसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। (भाषा)


