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ओरसा घाट बस हादसा : अब तक 10 मौतें, 78 जख्मी
19-Jan-2026 3:57 PM
ओरसा घाट बस हादसा : अब तक 10 मौतें, 78 जख्मी

छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर ब्रेक फेल होने से पलटी बस, 19 गंभीर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर,19 जनवरी।
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्थित ओरसा घाट (बंगलादारा घाटी) में रविवार दोपहर हुए भीषण सडक़ हादसे में मृतकों की संख्या बढक़र 10 हो गई है। मृतकों में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। इस दुर्घटना में कुल 78 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों का इलाज गुमला, रांची, लातेहार और अंबिकापुर के अस्पतालों में जारी है।

यह हादसा झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सीमा से करीब 7 किलोमीटर दूर हुआ। जानकारी के अनुसार, ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस में सवार 87 यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत, महाराजगंज, झपरा और बुद्धीडीह से सगाई समारोह में शामिल होने के लिए झारखंड के लोधगांव जा रहे थे।

जैसे ही बस ओरसा बंगलादारा घाटी की ढलान पर पहुंची, अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए एक पेड़ से टकराई और करीब 20 फीट नीचे जाकर सडक़ पर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

बस चालक विकास पाठक ने बताया कि हादसे से कुछ पहले ही ब्रेक काम नहीं करने का अहसास हुआ था। स्थिति संभालने के लिए हैंड ब्रेक लगाया गया और इंजन भी बंद किया गया, लेकिन ढलान अधिक होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका।

बचाव अभियान और इलाज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री सीटों और बस के लोहे के ढांचे में फंस गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर सडक़ किनारे जा गिरे। सूचना मिलते ही महुआडांड़ पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि 60 घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 को कार्मेल अस्पताल पहुंचाया गया।  बाद में गंभीर रूप से घायलों को गुमला और लातेहार रेफर किया गया। देर रात 25 घायलों को अंबिकापुर लाया गया, जहां एक घायल की इलाज के दौरान मौत हो गई।

सीएम ने गहरा दुख जताया,मुआवजे का ऐलान
हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और क्षेत्रीय विधायक एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही गंभीर घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

हादसे में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के शव सोमवार को बलरामपुर लाए जाएंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कुसमी एसडीएम, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी रविवार को ही महुआडांड़ पहुंच गए थे और शवों को बलरामपुर लाने की व्यवस्था की जा रही है।


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