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रायपुर साहित्य उत्सव, तीन दिनों में 42 सत्र होंगे, हरिवंश करेंगे उद्घाटन
19-Jan-2026 2:11 PM
रायपुर साहित्य उत्सव, तीन दिनों में  42 सत्र होंगे, हरिवंश करेंगे उद्घाटन

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 19 जनवरी ।
नवा रायपुर स्थित पुरखावती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव के संदर्भ में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को साहित्य उत्सव सलाहकार समिति के सदस्य शशांक शर्मा एवं समिति के सचिव डॉ. रवि मित्तल ने संबोधित किया।

इस अवसर पर उन्होंने साहित्य उत्सव की तैयारियों, कार्यक्रमों की रूपरेखा, संरचना तथा आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। वक्ताओं ने बताया कि इस साहित्य उत्सव में छत्तीसगढ़ के साहित्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। आयोजन में माधवराव सप्रे, गजानंद मानव, मुक्तिबोध सहित प्रदेश के साहित्यिक पुरखों की स्मृति और योगदान को केंद्र में रखा गया है।

तीन दिवसीय इस साहित्य उत्सव में कुल 42 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्य, समाज और समकालीन विषयों पर चर्चा होगी। उत्सव में 118 साहित्यकार भाग लेंगे, जिनमें से 58 साहित्यकार प्रदेश के बाहर से आमंत्रित हैं। कार्यक्रम में तीन प्रमुख काव्य सत्र भी शामिल होंगे।

 श्री शर्मा ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य से विमुख होती जा रही है, ऐसे में यह उत्सव युवाओं को साहित्य से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

उद्घाटन समारोह में राज्यसभा सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी द्वारा ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा।
विभिन्न सत्रों में बुद्धिनाथ मिश्र, कुमुद शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार सहभागिता करेंगे।
24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित काव्य पाठ का आयोजन किया जाएगा।

समापन सत्र में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी एवं चर्चित फिल्मकार अनुराग बसु विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

उत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। जिले के साहित्यकारों को विशेष अवसर देने के लिए सात मंडप बनाए गए हैं, जिनका नाम प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर रखा गया है। इनमें विनोद शुक्ल एवं सुरेंद्र दुबे की स्मृति में समर्पित मंडप भी शामिल हैं।

इसके अलावा युवाओं के लिए 180 युवा साहित्यकारों को ओपन मंच उपलब्ध कराया गया है। 24 समितियाँ काव्य पाठ प्रस्तुत करेंगी। साथ ही पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसे गजानंद मुक्तिबोध के नाम से समर्पित किया गया है।

आयोजकों के अनुसार, प्रतिदिन प्रदेश के लगभग 200 साहित्यकार इस साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे।


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