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एक करोड़ से अधिक के ईनामी 18 महिला समेत 63 नक्सलियों का समर्पण
09-Jan-2026 9:22 PM
एक करोड़ से अधिक के ईनामी 18 महिला  समेत 63 नक्सलियों का समर्पण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
दंतेवाड़ा/जगदलपुर, 9 जनवरी।
दन्तेवाड़ा में शुक्रवार को एक करोड़ से अधिक के ईनामी 18 महिला समेत 63 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। 

पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा  गौरव राय ने बताया कि 9 जनवरी को जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा में  ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) पहल के अंतर्गत कुल 63 माओवादी कैडर ने समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण किया।

पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 18 महिला और 45 पुरुष माओवादी कैडर शामिल हैं। इनमें 36 इनामी माओवादी हैं, जिन पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादी दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र तथा ओडिशा राज्य में सक्रिय बताए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में उनके समक्ष हुआ। इस अवसर पर उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी, कमांडेंट 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ गोपाल यादव, कमांडेंट 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ अनिल कुमार सिंह, कमांडेंट 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ अनिल कुमार प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा रामकुमार बर्मन तथा उप कमांडेंट सीआरपीएफ डीआईजी कार्यालय विमल कुमार (आसूचना) उपस्थित थे।

पुलिस के मुताबिक, इन आत्मसमर्पित माओवादियों में 7 माओवादी 8-8 लाख रुपये, 7 माओवादी 5-5 लाख रुपये, 8 माओवादी 2-2 लाख रुपये, 11 माओवादी 1-1 लाख रुपये तथा 3 माओवादी 50-50 हजार रुपये के इनामी थे।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. ने कहा कि ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) पहल के माध्यम से क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास और विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पित माओवादियों में कुछ पर विभिन्न वर्षों में पुलिस मुठभेड़ों, आईईडी विस्फोट, आगजनी, फायरिंग और अन्य नक्सली गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप दर्ज हैं। इन आरोपों का विवरण पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर बताया गया है और संबंधित मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि माओवादियों को मुख्यधारा में जोडऩे के प्रयासों में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स दन्तेवाड़ा तथा सीआरपीएफ की 111वीं, 195वीं और 230वीं वाहिनियों की भूमिका रही है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने माओवादियों से अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोडक़र समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और पुनर्वास नीति का लाभ लें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास और भविष्य की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।


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