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धान खरीदी के लिए टोकन कटना बंद?
10-Jan-2026 5:01 PM
धान खरीदी के लिए टोकन कटना बंद?

किसान परेशान, हजारों वंचित रह सकते हैं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 जनवरी।
प्रदेश में धान खरीदी अंतिम चरण में है। अलग-अलग जिलों से खबर आ रही है कि समितियों ने टोकन काटना बंद कर दिया है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में किसान धान बेचने से वंचित हो सकते हैं। 

प्रदेश में 31 जनवरी तक धान की खरीद होनी है। इस बार ऑनलाइन और ऑफ लाइन सिस्टम अपनाया गया है जिसकी वजह से धान बेचने में किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा है। इसको लेकर अलग-अलग स्तरों में शिकायतें भी हुई है। अब टोकन कटना बंद होने की सूचना आ रही है। हालांकि रायपुर जिले के धान खरीदी प्रक्रिया से जुड़े एक अफसर ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि अभी भी धान खरीदी के लिए टोकन काटे जा रहे हैं। ये अलग बात है कि ये टोकन 29 से 31 तारीख तक की है।  

दूसरी तरफ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, और पूर्व विधायक प्रदीप चौबे ने फेसबुक पर लिखा कि धान खरीदी के लिए कल 9 तारीख से सभी समितियां में ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन काटना बंद कर दिया गया है सभी समितियां में मेरी जानकारी के अनुसार करीब करीब दो-दो सौ तीन 300 किसानों को अभी तक एक भी बार टोकन नहीं मिला है।

 

उन्होंने आगे कहा कि 31 जनवरी तक धान खरीदने का वादा करने वाली सरकार किसानों के साथ रोज नए-नए कानून लागू कर रही है। अब सरकार का कहना है कि जिन किसानों का टोकन नहीं काटा है वे ऑनलाइन आवेदन करें समितियां में जाकर कि उनका धान बचा है टोकन नहीं मिला है उसकी जांच करने के लिए एक समिति बनी है जिसमें राजस्व अधिकारी कृषि अधिकारी और समिति के प्रतिनिधि जाकर उसके खलिहान में जांच करेंगे कि उसका जहां धान बचा है कि नहीं और बचत धान उसी के खेत का है कि नहीं ऐसा तो कभी नहीं हुआ।

चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आखिर सरकार किसानों को परेशान क्यों करना चाहती है मेरा सरकार के प्रमुख लोगों से आग्रह है की 31 जनवरी तक बिना कोई बाधा के किसानों के उपज का प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदने का वादा अपना पूरा करें पहले तो समितियां में खरीदी की लिमिट घटा दी गई जिसके चलते खरीदी कम हुई और अभी तक समझता हूं कि किसी भी समिति में 50-55 फीसदी से ज्यादा धान खरीदी हुई होगी।


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