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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 8 जनवरी। बालको क्षेत्र के तिलईदाड़ गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंद पड़े सेप्टिक टैंक में करीब 12 फीट लंबा विशालकाय किंग कोबरा गिरा हुआ मिला। अचानक इतने बड़े विषधर को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग और नोवा नेचर टीम को दी गई। सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी ने मामले से कोरबा की डीएफओ प्रेमलता यादव को अवगत कराया। उनके निर्देश पर और एसडीओ आशीष खेलवार के मार्गदर्शन में बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार अपनी टीम के साथ गांव के लिए रवाना हुए।
गांव में सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने कहा गया। इसके बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि किंग कोबरा पिछले कुछ दिनों से सेप्टिक टैंक में फंसा हुआ था। कड़ी मशक्कत और सतर्कता के बाद टीम ने विषधर को सुरक्षित रूप से पकड़कर थैले में डालने में सफलता हासिल की। सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया और किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किंग कोबरा (स्थानीय नाम पहाड़ चित्ती) को क्षेत्र की धरोहर और देवतुल्य बताते हुए इसके संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया।
डीएफओ प्रेमलता यादव ने आम लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम-1972 के तहत वर्ग-एक में संरक्षित जीव है। इसे नुकसान पहुंचाना या मारना गंभीर अपराध है। घर या आसपास सांप दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
विशेषज्ञों के अनुसार किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है, जिसकी लंबाई 20 फीट या उससे अधिक भी हो सकती है। यह अन्य सांपों को भी खा लेता है। यही एकमात्र सांप है जिसकी मादा पत्तों से घोंसला बनाकर महीनों तक अंडों की रखवाली करती है। आमतौर पर यह बिना वजह इंसान पर हमला नहीं करता, खतरा महसूस होने पर ही आक्रामक होता है।


